PM Modi visit Bihar and West Bengal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त को बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बिहार के गया जिले को लगभग ₹13,000 करोड़ रुपये की बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। वहीं पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 5200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि गया में प्रधानमंत्री की यह यात्रा राज्य के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने कहा कि विकास की सौगात लेकर मोदी जी फिर से बिहार आ रहे हैं। मैं सभी बिहारवासियों से आग्रह करता हूं कि वे गयाजी आकर प्रधानमंत्री को सुनें और इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनें।
कौन कौन सी योजनाएं हैं शामिल
प्रधानमंत्री मोदी गंगा नदी पर बने बिहार के पहले छह लेन पुल का उद्घाटन करेंगे, जो बेगूसराय को उत्तर बिहार से सीधे जोड़ेगा और भारी वाहनों की आवाजाही में आसानी होगी। इस पुल से ट्रैफिक दबाव कम होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इसके अलावा, वे बक्सर थर्मल पावर प्लांट (1,320 मेगावाट), बख्तियारपुर-मोकामा फोर लेन हाईवे, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल और नमामी गंगे परियोजना के तहत कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत हजारों लाभार्थियों को गृह प्रवेश की सौगात भी देंगे। पीएम मोदी गया से अमृत भारत एक्सप्रेस’ (गया–दिल्ली) ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ-साथ बौद्ध सर्किट ट्रेन का भी शुभारंभ किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार के बाद पश्चिम बंगाल जाएंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त को दोपहर 4:15 बजे पश्चिम बंगाल के कोलकाता पहुंचेंगे इस दौरान वे कोलकाता मेट्रो रेल परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिसमें 13.61 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो नेटवर्क शामिल है। इस मेट्रो सेवा की शुरुआत नोआपारा से जय हिंद विमानबंदर तक होगी जो कोलकाता एयरपोर्ट तक तेज और सुगम यात्रा को सुनिश्चित करेगा। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीलदह-एस्प्लेनेड और बेलघरिया-हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो सेवाओं का भी उद्घाटन करेंगे।
इसके अलावा वे जेस्सोर रोड मेट्रो स्टेशन से जय हिंद विमानबंदर तक मेट्रो की सवारी भी करेंगे। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी हावड़ा मेट्रो स्टेशन पर एक नए सबवे का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे 7.2 किलोमीटर लंबी छह-लेन कोना एक्सप्रेसवे की आधारशिला भी रखेंगे। ये सभी परियोजनाएं कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात की समस्या को कम करने, परिवहन की गुणवत्ता सुधारने और क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।