Amit Shah on Operation Sindoor: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शामिल तीनों आतंकवादी मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं और उनकी संलिप्तता वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर सिद्ध की गई है। शाह ने यह बयान ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए दिया। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इसके बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुनिश्चित किया कि हत्यारे देश छोड़कर भाग न सकें। 23 अप्रैल को श्रीनगर में सुरक्षा बैठक कर व्यापक रणनीति बनाई गई।
29 जुलाई को हुआ ऑपरेशन महादेव
शाह ने बताया कि 29 जुलाई को ‘‘ऑपरेशन महादेव’’ के तहत लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन ए-श्रेणी के आतंकवादी सुलेमान, अफगान और जिब्रान को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मार गिराया गया। उन्होंने कहा, “हमारे पास सुलेमान के पहलगाम और गगनगीर हमलों में संलिप्त होने के पुख्ता सबूत हैं। बाकी दोनों भी ए-श्रेणी के आतंकी थे।”
कांग्रेस पर साधा निशाना
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण की नीति के चलते पाकिस्तान और आतंकवादियों का बचाव कर रही है। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बयान का हवाला देते हुए कहा, “जिस दिन उन्होंने सवाल उठाया, उसी दिन तीनों आतंकवादी मारे गए। यह महादेव का न्याय है।” शाह ने विपक्ष के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें ऑपरेशन को ‘धार्मिक नाम’ देने पर सवाल उठाया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं का युद्ध घोष सदियों से देवी-देवताओं से प्रेरित रही है, और इसका राजनीतिकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जैसे ही शाह ने जवाब देना शुरू किया, विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पर उपसभापति हरिवंश ने स्पष्ट किया कि पूर्व सूचना के अनुसार चर्चा का उत्तर गृह मंत्री ही देंगे।