मन की बात’ कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी: अंतरिक्ष से लौटा भारत का बेटा, देश में स्टार्टअप्स की नई उड़ान

PM Modi

Mann Ki Baat on PM Modi: (नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 112वें संस्करण में देश के पहले स्वदेशी अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सफल वापसी पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने देशभर के युवाओं और विशेषकर बच्चों के मन में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति गहरी रुचि और जिज्ञासा पैदा की है। पीएम मोदी ने कहा, “जैसे ही शुभांशु पृथ्वी पर सुरक्षित उतरे, पूरे देश में एक अद्भुत उत्साह और गर्व की भावना उमड़ पड़ी। हर भारतीय का सीना चौड़ा हो गया। यह केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा से जुड़ा भाव है।”

अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप की नई उड़ान

प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से बढ़ रहे अंतरिक्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पांच साल पहले जहां स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों की संख्या 50 से भी कम थी, आज वह आंकड़ा 200 से अधिक हो चुका है। यह बदलाव आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रमाण है पीएम मोदी ने कहा। “हमारा देश अब अंतरिक्ष की ऊंचाइयों को भी अपने इनोवेशन और उद्यमिता के बल पर छू रहा है।”

किस दिन मनाया जाएगा ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’

पीएम मोदी ने  23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाए जाने का जिक्र करते हुए इस संबंध में सुझाव आमंत्रित किए कि इसे कैसे मनाया जाए। यह दिन भारत की अंतरिक्ष यात्रा की नई ऊंचाइयों को दर्शाएगा। उन्होंने देशवासियों से सुझाव मांगे कि इसे कैसे और अधिक प्रभावी व प्रेरक बनाया जा सकता है।

आत्मनिर्भरता पर ज़ोर

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के विजन को दोहराते हुए कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ न केवल एक नारा है, बल्कि आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने उदाहरण दिया कि भारत के युवा आज गणित ओलंपियाड से लेकर रसायन विज्ञान और एआई तक हर क्षेत्र में वैश्विक मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

मराठा किलों को मिला यूनेस्को से वैश्विक सम्मान

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में साझा किया कि भारत के 12 ऐतिहासिक मराठा किलों को हाल ही में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया है। उन्होंने इसे भारत की वीरता, वास्तुकला और समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास की अंतरराष्ट्रीय मान्यता बताया।

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