Gopal Khemka murder case (पटना): बिहार की राजधानी पटना में प्रतिष्ठित व्यवसायी और मगध अस्पताल के मालिक गोपाल खेमका की हत्या के मामले में सनसनीखेज अपडेट सामने आया है। मंगलवार को पटना पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास उर्फ राजा को मुठभेड़ में मार गिराया। इस केस में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे हो चुके हैं, जिसमें जमीन विवाद, कारोबारी रंजिश और जेल से रची गई साजिश की आशंका शामिल है।
कैसे हुआ एनकाउंटर
पटना के मालसलामी थाना क्षेत्र में गंगा किनारे एक सुनसान ईंट-भट्ठे के पास मंगलवार सुबह पुलिस और हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास उर्फ राजा के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, राजा ने गोपाल खेमका की हत्या के लिए शूटर उमेश यादव को हथियार उपलब्ध कराया था। मुठभेड़ के दौरान राजा ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की फायरिंग में वह मारा गया।
मुख्य शूटर और मास्टरमाइंड गिरफ्तार
पुलिस ने पहले ही मुख्य शूटर उमेश यादव और हत्या के मास्टरमाइंड अशोक कुमार साव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उमेश ने खुलासा किया कि अशोक साव ने उसे 3.5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। अशोक साव, जो खुद एक व्यवसायी है, ने इस हत्या की साजिश रची थी।
जांच में नया मोड़: जेल से रची गई साजिश?
पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे जमीन विवाद या कारोबारी रंजिश का मामला हो सकता है। बेऊर जेल में छापेमारी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध कॉल डिटेल्स, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए। जांच में पता चला कि हत्या की साजिश जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर अजय वर्मा के इशारे पर रची गई हो सकती है। अजय वर्मा पर हत्या, अपहरण और सुपारी किलिंग जैसे 28 से अधिक मामले दर्ज हैं।
6 सेकंड में अंजाम दी गई हत्या
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि 4 जुलाई 2025 की रात 11:40 बजे गांधी मैदान थाना क्षेत्र में गोपाल खेमका के अपार्टमेंट के बाहर शूटर उमेश यादव ने हेलमेट पहनकर महज 6 सेकंड में हत्या को अंजाम दिया। अपराधियों ने एक हफ्ते तक खेमका की रेकी की थी और उनकी दिनचर्या व गाड़ी की जानकारी जुटाई थी। हत्या में दो लाइनर भी शामिल थे, जो खेमका की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
राजनीतिक कनेक्शन की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, शूटर उमेश यादव का एक प्रभावशाली राजनेता से करीबी रिश्ता हो सकता है। इस खुलासे ने केस में राजनीतिक कनेक्शन की आशंका को और गहरा कर दिया है।
बेऊर जेल से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान बेऊर जेल से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और संदिग्ध नंबरों की पर्चियां बरामद हुईं। इसके बाद तीन कक्षपालों को निलंबित कर दिया गया, जबकि सहायक अधीक्षक और उपाधीक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया।
कौन थे गोपाल खेमका?
गोपाल खेमका पटना के प्रतिष्ठित व्यवसायी और मगध अस्पताल के मालिक थे। उनकी हत्या 4 जुलाई 2025 की रात उनके अपार्टमेंट के बाहर गोली मारकर की गई थी। सात साल पहले उनके बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या की गई थी।
बिहार में कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस हत्याकांड ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई एक पिस्तौल, एक खोखा और स्कूटी बरामद की है।