नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर से पाक बौखला गया था। इसके जवाब में पाकिस्तान सिर्फ अकेले ही भारत पर जवाबी हमले नहीं कर रहा था, बल्कि परोक्ष रूप से इसमें चीन और तुर्की भी शामिल थे। यह खुलासा भारतीय सेना ने किया है। हालांकि भारत ने एक साथ पाकिस्तान, चीन और तुर्की सभी को परास्त कर दिया।
चीन ने भारत-पाक युद्ध को किया प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल
उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चीन ने भारत- पाकिस्तान युद्ध का इस्तेमाल एक प्रयोगशाला की तरह किया। इसका इस्तेमाल कर भारत को रणनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया,और हाल ही में भारत-पाक संघर्ष के दौरान बीजिंग ने अपने ‘सदाबहार सहयोगी’ को हरसंभव सहायता दी। दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि चीन ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को एक “प्रयोगशाला” की तरह उपयोग किया, जहां उसने अपने हथियार प्रणालियों और रणनीतियों का परीक्षण किया।
“पाकिस्तान सिर्फ मोहरा, असली ताकत चीन”
सेना अधिकारी ने कहा कि चीन ने अपनी “उधार के चाकू से वार करने” की पारंपरिक रणनीति अपनाई, जिसमें दुश्मन को चोट पहुंचाने के लिए किसी तीसरे पक्ष का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा, “भारत के खिलाफ पाकिस्तान केवल सामने का चेहरा था, जबकि असली समर्थन चीन से मिल रहा था।” उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन, भारत से सीधी भिड़ंत की बजाय परोक्ष रूप से पाकिस्तान के माध्यम से टकराव करना पसंद करता है।
तुर्किये की भी बड़ी भूमिका
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि भारत वास्तव में भारत एक साथ तीन मोर्चों पर दुश्मनी का सामना कर रहा था। इनमें पाकिस्तान, चीन और तुर्की शामिल थे। उन्होंने बताया कि तुर्की ने पाकिस्तान को सैन्य समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युद्ध क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियां और निगरानी जैसी गतिविधियां देखी गईं, जिनमें तुर्की तकनीक का भी योगदान था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मिलने वाले 81% सैन्य उपकरण चीन से आते हैं, इसलिए बीजिंग का समर्थन कोई आश्चर्य की बात नहीं है। “यह समर्थन लंबे समय से जारी है और हालिया संघर्ष के दौरान और खुलकर सामने आया।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’: भारत की सख्त प्रतिक्रिया
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की। इस अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद, 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। भारतीय पक्ष का कहना है कि उसकी भीषण जवाबी कार्रवा