मानेसर (हरियाणा): हरियाणा के मानेसर स्थित आईसीएटी (ICAT) परिसर में भारत के पहले राष्ट्रीय शहरी स्थानीय निकाय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, महापौर, पार्षद, और शहरी प्रशासन से जुड़े अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्डा, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल व राव नरबीर सिंह, और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करेगा यह सम्मेलन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा शहरी स्थानीय निकाय लोकतंत्र की प्राथमिक पाठशाला हैं। यहां से जनता से सीधे संवाद, समस्याओं की पहचान और समाधान की शुरुआत होती है। यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को धरातल पर उतारने का मार्ग प्रशस्त करेगा।”
हरियाणा बनेगा शहरी विकास का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य को शहरी विकास का मॉडल बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया सरकार 180 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर और पंचग्राम परियोजना पर काम कर रही है, जो 2050 तक 75 लाख जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करेगी। फरीदाबाद और करनाल को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में चार मेट्रोपोलिटन सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी गठित किए गए हैं, जो योजनागत विकास सुनिश्चित कर रहे हैं।
तकनीक और पारदर्शिता से मजबूत हो रहे निकाय
CM सैनी ने कहा कि निकायों को सशक्त बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है:
ई-गवर्नेंस, डिजिटल पोर्टल, और AI आधारित समाधान से प्रशासन पारदर्शी और तेज़ हो रहा है।
प्रॉपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र, और केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना को हरियाणा में प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
नागरिकों को घर बैठे सेवा मिले, इसके लिए डिजिटल इंडिया के विजन को स्थानीय स्तर तक पहुंचाया गया है।
हर शहर को स्लम-मुक्त बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का सपना है कि हर शहर स्लम-मुक्त हो। इसके लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पर जोर दिया जा रहा है ताकि शहरी गरीबों को गरिमामयी जीवन मिल सके। उन्होंने कहा:“विकास भी और पर्यावरण भी – यही हरियाणा की नीति है। हम ऐसे शहर बना रहे हैं जो सुंदर, स्मार्ट और टिकाऊ हों।”
जब नगर मजबूत होंगे, तो राष्ट्र भी मजबूत होगा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों को अब लोकसभा जैसी गरिमा और संवाद का मंच मिल रहा है, जहां वे जनप्रतिनिधि के तौर पर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी कर सकें। जब नगर मजबूत होंगे, तो राष्ट्र भी मजबूत होगा,”
राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का मंच
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव, सफल योजनाएं और चुनौतियां साझा कीं। यह संवाद आगे चलकर शहरी विकास की राष्ट्रीय रणनीति बनाने में मददगार होगा।