CM Nayab Singh Saini on Emergency: (करनाल): संविधान हत्या दिवस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक ऐतिहासिक संबोधन में 1975 के आपातकाल को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान देश में संविधान और लोकतंत्र का अपमान हुआ, और जनता पर अत्याचार किए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान की रक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
आपातकाल के दौरान संविधान का हुआ अपमान
सैनी ने अपने संबोधन में कहा, “आजादी के बाद भी देश में आपातकाल जैसे कदम उठाए गए, जिनका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति को पूरा करना था। इस दौरान संविधान और लोकतंत्र का कोई सम्मान नहीं किया गया।” उन्होंने इस बात को उजागर किया कि उस समय सत्ता में बैठे नेताओं ने जनता की आवाज को कुचला और केवल अपनी राजनीति को बढ़ावा दिया।
“संविधान की रक्षा की बात करने वालों ने कभी संविधान का सम्मान नहीं किया
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आज जिन नेताओं द्वारा संविधान की रक्षा की बातें की जाती हैं, उन्होंने अपनी पीढ़ियों में भी संविधान का कभी सम्मान नहीं किया। उनका कहना था कि यह लोग सिर्फ संवैधानिक मूल्यों का रौंदने का काम करते आए हैं और आज संविधान के रक्षक बनने का दावा कर रहे हैं।
पीएम मोदी का संकल्प 2047 तक एक क्रांतिकारी भारत
सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 11 वर्षों से संविधान के पथ पर चल रहा है। उनका संकल्प है कि 2047 तक हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जो क्रांतिकारी वीरों के सपनों का भारत हो।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में एक प्रधान, एक संविधान और एक निशान की जो परिकल्पना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी, उसे प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा करने का काम किया है।
लोकतंत्र सिर्फ चुनावों तक नहीं है सीमित
सैनी ने लोकतंत्र को केवल चुनाव जीतने और सरकार बनाने तक सीमित न मानने की बात की। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र एक जीवनशैली है, यह एक मूल्य प्रणाली है। हमें इसे समझने और अपने जीवन में उतारने की जरूरत है।” उनका मानना था कि लोकतंत्र सिर्फ संस्थागत अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे नैतिक और सामाजिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत में महापुरुषों और क्रांतिकारियों की जयंतियों को मनाने का अवसर 2014 के बाद ही मिला, जब केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनी। उन्होंने इस सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब भारत को एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र के रूप में दुनिया भर में पहचान मिल रही है।
“करनाल को दिल से नमन”
सैनी ने अपनी बातों का समापन करते हुए कहा दानवीर कर्ण की नगरी करनाल को मैं दिल से नमन करता हूं। यहां के लोग देश की सेवा में हमेशा अग्रणी रहे हैं। विश्व में भारत को मजबूत लोकतंत्र के रूप में चमकाना है मुख्यमंत्री ने अंत में यह संदेश दिया कि प्रत्येक भारतीय का यह कर्तव्य है कि वह भारत को एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र के रूप में दुनिया भर में चमकाए।