Parliament Budget Session: संसद में आज बजट सत्र का तीसरा दिन है। तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बजट और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने पीएम मोदी के मेक इन इंडिया को अच्छा और फेल बताया। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और जीडीपी को लेकर भी राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, मैंने राष्ट्रपति का अभिभाषण हमेशा एक ही किस्म का सुना है। इनके द्वारा किए गए कामों की एक ही सूची है। इस सरकार ने लगभग 50-100 काम ही किए होंगे मुझे लगता है कि राष्ट्रपति का अभिभाषण ऐसा नहीं होना चाहिए था जैसा दिया गया। ‘मेक इन इंडिया’ अच्छा विचार था…परिणाम आपके सामने है। पीएम मोदी ने पूरी कोशिश की लेकिन यह फेल रहें। आज तक यूपीए और एनडीए सरकार ने इस देश के युवाओं को रोजगार के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
राहुल गांधी कहा कि, उत्पादन को व्यवस्थित करने का आधुनिक तरीका विनिर्माण है, लेकिन वहां एक देश के रूप में हम उत्पादन को व्यवस्थित करने में विफल रहे हैं। हमारे पास उत्पादन को व्यवस्थित करने के लिए कंपनियां हैं। हमने जो किया वह यह कि हमने उत्पादन का संगठन चीन को सौंप दिया है। भले ही हम कह रहे हैं कि हम मोबाइल फोन को बनाते हैं लेकिन यह सच नहीं है। यह फोन भारत में नहीं बना है। इस फोन के अंदर की चीजें चीन में बनी हैं। हम चीन को टैक्स दे रहे हैं।
Read Also: Cricket: 23 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम का बड़ा करिश्मा, लंका में रच दिया महाकीर्तिमान
किरेन रिजिजू ने जताई आपत्ति
राहुल गांधी ने कहा कि हमारी विदेश नीति ऐसी ना हो कि हमें अमेरिका के राष्ट्रपति के शपथ समारोह में न्योते के लिए पत्र लिखना पड़े। इस पर सत्ता पक्ष ने हंगामा किया और किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा “विपक्ष के नेता इतना गंभीर, अप्रमाणिक बयान नहीं दे सकते। यह दो देशों के बीच संबंधों से जुड़ा मामला है और वह हमारे देश के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर असत्यापित बयान दे रहे हैं।