Chandrashekhar Ravan’s Controversial Statement: राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह को शिव मंदिर बताते हुए हिन्दू पक्षकार ने स्थानीय अदालत में एक याचिका को दाखिल किया है। जिसके बाद अदालत मामले में सुनवाई को लेकर तैयार हो गई है। याचिका दाखिल होने के बाद देश और प्रदेश में राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर रावण ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर बौद्ध समुदाय भी कोर्ट चले जाएं और हिन्दू मंदिरों के नीचे सर्वे की मांग करने लगे तब सरकार क्या करेगी?
आजस प्रमुख ने कहा कि पूर्व जस्टिस के एक बयान ने पूरे देश के माहौल को खराब किया है। ये उनकी गैरजिम्मेदारी का नतीजा है कि आज हर एक धार्मिक स्थल पर मंदिर ढूंढा जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बौद्धिष्ठों का इतिहास रहा है। अगर बौद्ध समुदाय कोर्ट चले जाएं और हिन्दू मंदिरों के सर्वे की मांग करने लगे तब सरकार क्या करेगी? क्या तब भी कोर्ट का रुख यही रहेगा।
चंद्रशेखर ने कहा कि हम जो तमाशा कर रहे हैं, इसका कोई अंत है। वक्फ पर जो चिंता है वो इसी बात की है कि जब राज्य का हस्तक्षेप होगा तो इसी तरह के फैसले आएंगे और लोगों में गुस्सा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी ये बताए कि जो वोट की लूट यूपी में हुई है। ईवीएम और अडानी का जो सवाल है उसका सरकार के पास क्या जवाब है? चंद्रशेखर ने कहा कि अजमेर और संभल जैसे मामले बीजेपी शासित राज्यों में क्यों हो रहे हैं। इसका खामियाजा देश को उठाना पड़ेगा।
स्वामी प्रसाद के भी बिगड़े बोल
इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी ऐसा ही बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि इतिहास को खंगालेंगे तो अगर कोई मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाई गई है, तो उससे पहले बौद्ध मठ तोड़कर मंदिर बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास इसका गवाह है, हमने पहले भी साक्ष्य दिए थे। केदारनाथ, बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम जैसे मंदिर पहले बौद्ध मठ थे। बाद में इन्हें मंदिर बनाया गया, अगर इस तरह से हर मस्जिद में मंदिर खोजेंगे तो हर मंदिर में भी बौद्ध मठ खोजने लगेंगे। इससे पूरे देश का माहौल खराब हो जाएगा, बीजेपी इस समय देश को सांप्रदायिक आग में झोंकने का काम कर रही है।
Read Also:Jharkhand: चौथी बार सीएम बने हेमंत सोरेन, समारोह में विपक्ष के कई बड़े नेता मौजूद