UP: रामपुर जेल से रिहा होते ही फिर हिरासत में सपा नेता आजम खान, ED की कार्रवाई

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UP News: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला जेल से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान की रिहाई एक नाटकीय मोड़ ले गई। कथित दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर निकले ही थे कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।

78 वर्षीय आजम खान नवंबर 2025 से रामपुर जेल में बंद थे। गुरुवार, 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति समित गोपाल ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की दो पैन कार्ड मामले में सजा स्थगित कर दी और जमानत मंजूर की। हालांकि अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके कारण वे चुनाव लड़ने के अयोग्य बने हुए हैं। अब्दुल्ला आजम जेल से रिहा होकर घर चले गए, लेकिन आजम खान को ईडी ने रोक लिया।

ED का एक्शन

ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया। यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। ईडी ने हाल ही में विश्वविद्यालय की भूमि और इमारतों को अटैच किया था, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1170 करोड़ रुपये बताई गई है। एजेंसी का आरोप है कि ट्रस्ट और विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के दान, फंड ट्रांसफर और निर्माण कार्यों में अनियमितताएं हुईं।

जेल के बाहर भारी पुलिस और सीआरपीएफ बल तैनात थे। समर्थकों की भीड़ जमा हो गई थी और नारेबाजी हो रही थी। आजम खान ने ईडी अधिकारियों से बातचीत के दौरान भावुक होकर कहा, “अब क्या कहूं? कानून का वजूद खत्म हो चुका है। क्या यह मुसलमान होने की सजा है? हमारी गलती यही है कि एक मुसलमान ने विश्वविद्यालय बनाई। बच्चों के लिए स्कूल और कॉलेज बनाए। क्या यही हमारा जुर्म है?”

अखिलेश ने की आलोचना

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग नेता को बार-बार झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है और यह राजनीतिक प्रतिशोध है। सपा नेताओं ने इसे मुस्लिम नेताओं के खिलाफ भेदभाव बताया।

ईडी अधिकारी आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करेंगे और उनकी कस्टडी में रिमांड मांगेंगे। यह घटना उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से कुछ महीने पहले हुई है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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