शौर्य दिवस पर राजनाथ सिंह का जवानों को सलाम, बोले- देश उनके बलिदान का हमेशा ऋणी रहेगा

नई दिल्ली: भारतीय सेना के पैदल सैनिकों की वीरता और बलिदान को याद करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शौर्य दिवस पर उन्हें नमन किया। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी सैनिकों के योगदान को सम्मान दिया। 27 अक्टूबर को मनाया जाने वाला यह दिवस 1947 में श्रीनगर में भारतीय सेना की ऐतिहासिक तैनाती की याद दिलाता है।

राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी कर कहा कि भारतीय सेना के पैदल सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए हर दौर में अदम्य साहस का परिचय दिया है। 1947 के ऐतिहासिक युद्धक्षेत्रों से लेकर आज की चुनौतीपूर्ण सीमाओं तक, जवानों ने कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती से मोर्चा संभाला है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब देश को सैनिकों की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब वे डटे रहे और भारत का सिर ऊंचा रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने जवानों के कर्तव्य के प्रति समर्पण, असाधारण साहस और देश के लिए प्राण न्योछावर करने के जज्बे को भारतीय सशस्त्र बलों की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बताया। राजनाथ सिंह के मुताबिक, देश को अपनी पैदल सेना पर गर्व है और राष्ट्र उनकी सेवा तथा बलिदान के लिए हमेशा आभारी रहेगा।

जी. किशन रेड्डी ने भी याद किया जवानों का योगदान

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 80वें इन्फैंट्री दिवस पर भारतीय सेना के पैदल सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सेना ने मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में मजबूती से मुकाबला किया और देश की सीमाओं की रक्षा के साथ संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

रेड्डी ने अपने संदेश में पैदल सैनिकों की निस्वार्थ सेवा को सलाम किया। उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के योगदान का सम्मान करते हुए उनके साहस और देशसेवा को याद किया।

27 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है शौर्य दिवस?

शौर्य दिवस का संबंध 27 अक्टूबर 1947 की उस घटना से है, जब भारतीय सेना के पैदल सैनिक पहली बार श्रीनगर हवाई अड्डे पर उतरे थे। उस समय पाकिस्तान समर्थित कबायली हमलावरों ने जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था। भारतीय सैनिकों ने उनका मुकाबला करते हुए हमले को पीछे धकेलने में अहम भूमिका निभाई।

इस सैन्य कार्रवाई ने भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर साल 27 अक्टूबर को इन्फैंट्री दिवस मनाया जाता है। यह अवसर उन सैनिकों की वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और देश की संप्रभुता की रक्षा के प्रति उनके समर्पण को याद करने का प्रतीक है।

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