नई दिल्ली: BRICS सम्मेलन के समापन के बाद विदेश मंत्रालय ने पहली प्रेस ब्रीफिंग में सम्मेलन से जुड़े कई अहम सवालों पर स्थिति स्पष्ट की। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS Summit में शामिल होने के लिए बाकायदा निमंत्रण भेजा गया था। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम घोषित किए जाने को भी गिमिक और लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश बताया।
बांग्लादेश PM को मिले थे दो निमंत्रण
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS सम्मेलन में आमंत्रित किए जाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की ओर से उन्हें दो अलग-अलग निमंत्रण दिए गए थे। उन्होंने बताया कि पहला निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए था। इसके बाद बांग्लादेश को BIMSTEC के चेयर के तौर पर BRICS समिट में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया गया था। यानी बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को एक न्योता भारत की द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा BRICS सम्मेलन में भाग लेने के लिए भेजा गया था।
मसूद अजहर पर पाकिस्तान के ऐलान को बताया गिमिक
जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर पाकिस्तान की ओर से PKR 70 लाख के इनाम की घोषणा को लेकर भी विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा गया। इस पर रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के गिमिक और लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिशें नई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ऐसे ऐलान करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, जिसका वास्तविक नतीजा सामने आए। MEA प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि केवल घोषणाओं से कुछ हासिल नहीं होगा।
भारत-चीन संबंधों पर क्या हुई बात?
BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों पक्ष भारत-चीन संबंधों में आपसी सम्मान, आपसी हित और एक-दूसरे की संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखने पर सहमत हुए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की चिंताओं को सामने रखा और जोर दिया कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। दोनों देशों के संबंध आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता से निर्देशित होने चाहिए।
ओमान तट पर हमले में 13 भारतीय बचाए गए
ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज MT एल गैया पर हुए हमले को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। रणधीर जायसवाल ने बताया कि 13 भारतीय नागरिकों या नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक और नाविक अभी लापता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों को बचाने के प्रयासों के लिए ओमानी अधिकारियों का धन्यवाद किया है।