सत्य निकेतन में हुए हादसे के घायलों से मिलीं CM रेखा गुप्ता, बगल की इमारत कल होगी ध्वस्त

Satya Niketan Accident update: (नई दिल्ली): दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद सरकार और पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। हादसे में पांच छात्रों समेत 7 लोगों की मौत हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद अब प्रशासन का फोकस आसपास की दूसरी खतरनाक इमारतों की जांच और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई पर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की।

घायलों से मिलीं CM रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे के बाद 12 लोगों को घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया था। इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो मजदूर भी शामिल थे। एक मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसके पैर में गंभीर चोट है। सीएम के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती दो छात्र अब पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें जल्द छुट्टी दी जाएगी। वहीं, एक छात्र ICU में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने उसके माता-पिता से भी मुलाकात की और उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों और मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सहायता भी देगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और उनकी हर संभव मदद की जा रही है।

बिल्डिंग मालिक समेत परिवार के तीन लोग गिरफ्तार

हादसे के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश को गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक, महेश सत्य निकेतन इलाके में संचालित हॉस्टल का मैनेजमेंट देखता था। इसी वजह से हादसे और हॉस्टल के संचालन से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है।

MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड

हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने MCD के पांच अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इनमें डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारी शामिल हैं। प्रशासनिक लापरवाही की जांच के साथ-साथ दिल्ली के दूसरे इलाकों में मौजूद पुरानी और असुरक्षित इमारतों की भी जांच शुरू की जा रही है।

बगल की खतरनाक इमारत कल गिराई जाएगी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में मौजूद एक अन्य भवन को असुरक्षित घोषित किया गया है। इसे कल योजनाबद्ध तरीके से गिराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके शव दिल्ली से ले जाए जा चुके हैं। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे और प्रशासन लगातार उनके संपर्क में है।

दिल्ली के PG और हॉस्टल पर उठे सवाल

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के उन इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जहां संकरी गलियों में बड़ी संख्या में हॉस्टल और पीजी संचालित हो रहे हैं। नॉर्थ कैंपस, लक्ष्मीनगर और मुनिरका जैसे इलाकों में भी बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में करीब 76 लाख जनगणना मकान हैं, जबकि MCD अब तक करीब 28 लाख मकानों का ही ऑडिट कर पाई है। ऐसे में सत्य निकेतन हादसे के बाद बाकी इमारतों की सुरक्षा जांच को लेकर भी प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।

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