Delhi Building Collapse: साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में कई लोगों के दबे होने की सूचना के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अब तक छह लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें से तीन घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर दुख जताया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद देने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
कई एजेंसियां राहत-बचाव में जुटीं
घटना के बाद DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी के मुताबिक, दमकल की आठ गाड़ियां और अलग-अलग विभागों की कई बचाव टीमें घटनास्थल पर भेजी गईं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और आपातकालीन कर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।
स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी भी बचाव अभियान में मदद करते नजर आए। उपलब्ध उपकरणों और हाथों की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश की गई। घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में मलबे के नीचे एक व्यक्ति का पैर फंसा हुआ दिखाई दिया, जिसे बाहर निकालने के लिए दमकलकर्मी लगातार मलबा हटा रहे थे।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल PG के तौर पर किया जाता था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस ने बताया कि अब तक छह लोगों को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सावधानी के तौर पर आसपास की एक इमारत को भी खाली करा लिया गया है।
बिल्डिंग मालिक की तलाश में पुलिस
हादसे के बाद पुलिस बिल्डिंग मालिक की तलाश में जुटी है। बताया गया है कि मालिक हरिओम बंसल और उनके भाई आनंद बंसल हैं, जो गुरुग्राम के रहने वाले हैं और उनके तीन से चार PG चलते हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, बिल्डिंग के बेसमेंट में काम चल रहा था और करीब एक महीने पहले नोटिस भी दिया गया था। चश्मदीदों ने यह भी बताया कि करीब एक साल पहले बिल्डिंग को खाली कराया गया था, जबकि इसमें PG दो महीने पहले ही शुरू हुआ था।
‘हॉस्टल डेज’ नाम से चलता था PG
एक चश्मदीद के अनुसार, गिरी हुई इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज’ था और यह खास तौर पर लड़कों के PG के तौर पर इस्तेमाल होती थी। चश्मदीद ने बताया कि इसके ठीक बगल की एक अन्य इमारत भी गिर गई। हादसे के समय कमरों में मौजूद छात्र मलबे के नीचे दब गए थे। दमकल विभाग को रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे बिल्डिंग गिरने की सूचना मिली थी। हादसे वाला इलाका दिल्ली के मोतीबाग क्षेत्र में बताया जा रहा है। राहत और बचाव अभियान अभी जारी है।