Nepal Flash Flood: नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई तबाही के बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। देश के कई इलाकों में गुरुवार और शुक्रवार को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। हाइड्रोलॉजी एंड मेटेरोलॉजी विभाग (DHM) के मुताबिक, नेपाल में मानसून सक्रिय है और इसके चलते बाढ़, भूस्खलन और मलबे के बहाव का खतरा बना हुआ है।
नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। इस आपदा में अब तक 163 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश ने प्रभावित इलाकों में चिंता और बढ़ा दी है।
चार प्रांतों में भारी बारिश की चेतावनी
DHM के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार को देश के चार प्रांतों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि मानसून ट्रफ पश्चिमी नेपाल में अपनी औसत स्थिति से थोड़ा दक्षिण में है, जबकि पूर्वी क्षेत्र में यह अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है। इसके कारण नेपाल के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने और कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तराई के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
बागमती, गंडकी और कर्णाली में ज्यादा खतरा
शुक्रवार दोपहर तक पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बागमती, गंडकी और कर्णाली प्रांतों के पहाड़ी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। DHM ने बताया कि शुक्रवार रात तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोशी प्रांत के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों के अलावा बागमती और गंडकी प्रांतों के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना है।
अगले तीन दिन सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कोशी, बागमती, गंडकी, लुंबिनी और कर्णाली प्रांतों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की वजह से पहले से प्रभावित इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में भी परेशानी पैदा होने की आशंका है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने संवेदनशील और जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन, मिट्टी का कटाव और मलबे का बहाव हो सकता है। DHM ने कहा है कि खराब मौसम का असर सामान्य जनजीवन के साथ खेती, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन, पर्वतारोहण, सड़क और हवाई परिवहन पर भी पड़ सकता है। विभाग ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी और आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।