हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को चंडीगढ़ में हरियाणा विजन 2047 को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा योजनाओं और स्कीमों की विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं एवं कार्ययोजना पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में हरियाणा मजबूत भागीदार बनेगा। स्वास्थ्य और पोषण विजन 2047 के छह प्रमुख स्तंभों में से एक है। सरकार का लक्ष्य केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम पर जोर देना है ताकि लोग स्वस्थ रहें और इलाज की जरूरत ही न पड़े।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तुत पांच वर्षीय रोडमैप की समीक्षा की गई। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, मानव संसाधन की कमी को दूर करने, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से हो और उनके परिणाम जमीनी स्तर पर नजर आएं।
स्वास्थ्य पर ज़्यादा फोकस
हाल के वर्षों में हरियाणा के स्वास्थ्य बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग 14,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। फ्री डायलिसिस, आयुष्मान भारत योजना का विस्तार, ई-संजीवनी के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन, टीबी मुक्त हरियाणा अभियान और कैंसर स्क्रीनिंग जैसी पहल पहले से चल रही हैं। बैठक में इन योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया और आगे की रणनीति तय की गई।
CM ने लगाया पौधा
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संस्थानों में पौधारोपण, ट्रॉमा सेंटरों के उन्नयन और निजी स्कूलों के बच्चों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए ताकि विकसित भारत-विकसित हरियाणा का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया जा सके। यह बैठक हरियाणा को स्वास्थ्य क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का संकल्प है कि हर नागरिक को सुलभ, किफायती और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो।