नई दिल्ली: मोदी सरकार ने आम जनता को सस्ती दवाओं का बड़ा तोहफा दिया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने सुगर, बीपी और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आने वाली 39 आवश्यक दवाओं की खुदरा कीमतें कैप कर दी हैं। इससे मरीजों को बहुत कम कीमत पर जरूरी दवाएं मिल सकेंगी।
NPPA के इस फैसले से करोड़ों मरीजों को सीधा फायदा पहुंचेगा। महंगी दवाओं के बोझ तले दब रहे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को अब सस्ती दरों पर जीवनरक्षक दवाएं मिल सकेंगी। प्राधिकरण ने इन दवाओं की अधिकतम कीमत तय कर कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे इससे ऊपर मूल्य नहीं ले सकें।
मुनाफाखोरी पर लगेगा अंकुश
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अनुचित मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है। NPPA नियमित रूप से आवश्यक दवाओं की कीमतों की समीक्षा करता है ताकि आम आदमी पर महंगाई का बोझ न पड़े। इस बार हृदय, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर संबंधी दवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, क्योंकि ये दवाएं लंबे समय तक लेनी पड़ती हैं और मरीजों पर आर्थिक बोझ बन जाती हैं।
लोग हुए खुश
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने NPPA के इस कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में दवाओं की कीमतें नियंत्रित करने से इलाज की निरंतरता बनी रहेगी और मरीज दवा छोड़ने जैसी स्थिति से बच सकेंगे। केंद्र सरकार का यह फैसला ‘सबका साथ, सबका विकास’ की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। आम लोगों ने सोशल मीडिया पर इस खबर का स्वागत किया है। एक यूजर ने लिखा, “अब डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की दवाएं सस्ती होंगी, सरकार का शुक्रिया।”
गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगी बड़ी राहत
NPPA ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर वे निर्धारित मूल्य से अधिक चार्ज करती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले का असर बाजार में जल्द दिखाई देगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, और भी दवाओं की कीमतों पर नजर रखी जा रही है। आम जनता को उम्मीद है कि भविष्य में कैंसर, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं पर भी इसी तरह नियंत्रण लगाया जाएगा। यह कदम न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करेगा बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत प्रदान करेगा।