तेहरान/वाशिंगटन। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने शुक्रवार को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे। एक ड्रोन ने एक बड़े और बेहद महंगे कार्गो जहाज के ऊपरी डेक को सीधा निशाना बनाया। हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा, लेकिन जहाज सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा। सुरक्षा बलों ने अन्य तीन ड्रोन को बीच में ही मार गिराया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने इस घटना को “सीजफायर समझौते का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन” बताया। उन्होंने कहा, “ईरान ने हमारे सीजफायर एग्रीमेंट का घोर उल्लंघन किया है। यह बेहद खतरनाक और अस्थिर करने वाली हरकत है।” ट्रंप ने आगे चेतावनी दी कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
हॉर्मुज़ में फँसे हैं सैकड़ों जहाज़
हरमुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां से रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है। ईरान के इस हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडराने लगा है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अब इस क्षेत्र में अपनी सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।
हमले के बाद जहाज़ों में लगी आग
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हमलावाले ड्रोन ईरानी सेना द्वारा संचालित थे। टकराए ड्रोन के कारण जहाज के डेक पर आग लग गई, जिसे क्रू मेंबर्स ने तुरंत काबू में कर लिया। जहाज पर कोई बड़ी चोट या जान-माल की भारी क्षति नहीं हुई। हालांकि, मरम्मत का खर्चा लाखों डॉलर में हो सकता है।
UN ने की निंदा
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना की निंदा की है। कई देशों ने ईरान से तुरंत संयम बरतने की अपील की। अमेरिकी नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और किसी भी आक्रामक गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान इसे “अपनी संप्रभुता की रक्षा” बता सकता है।
मध्य-पूर्व में और बढ़ा तनाव
यह घटना मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ाने वाली है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो वैश्विक तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में जोर दिया कि अमेरिका शांति चाहता है, लेकिन किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।