करनाल: हरियाणा में टोल वसूली का तरीका अब बदल गया है। करनाल के बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे से राज्य का पहला मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम शुरू कर दिया गया। इसके बाद अब ड्राइवरों को टोल पर रुकने, लाइन में लगने या बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गाड़ी अपनी स्पीड से निकलेगी और टोल टैक्स फास्टैग से खुद कट जाएगा।
टोल प्लाजा की सूरत बदली
NHAI की प्रोजेक्ट डायरेक्टर आकृति गुप्ता और टीम की मौजूदगी में नई तकनीक लॉन्च हुई। ट्रायल के सफल रहने के बाद अब प्लाजा से सभी बूथ और बैरियर हटा दिए गए हैं। टोल कर्मचारी अब गाड़ियां रोककर चेकिंग नहीं करेंगे। उनका काम सिर्फ सिस्टम चलाना और सुरक्षा मॉनिटर करना रह गया है। इससे ट्रैफिक जाम और टोल पर होने वाले झगड़े खत्म हो जाएंगे।
लोकल लोगों के लिए क्या बदला?
MLFF शुरू होते ही पुरानी लोकल आईडी सिस्टम बंद कर दिया गया है। अब 20 किमी के दायरे में रहने वालों को हर महीने 350 रुपये का पास बनवाना पड़ेगा। जिनके पास पहले से लोकल पास है, वो चलते रहेंगे। नए लोगों को डॉक्यूमेंट देकर पास बनवाना होगा। इसके अलावा 3075 रुपये में सालाना पास भी मिल रहा है, जिसमें 200 बार आना-जाना कर सकते हैं। अगर किसी के पास मंथली और सालाना दोनों पास हैं तो पहले मंथली पास यूज होगा।
फास्टैग नहीं है तो क्या होगा?
टोल मैनेजमेंट के अनुसार, बिना फास्टैग वाली गाड़ी निकलने पर मालिक के मोबाइल पर नोटिस आएगा। 24 घंटे में पैसा जमा करना होगा। 72 घंटे बाद लेट फीस लगेगी और फिर दोगुना टोल वसूला जाएगा। अगर कोई नंबर प्लेट छिपाकर या बदलकर टोल बचाने की कोशिश करेगा तो उस पर FIR और भारी जुर्माना लगेगा।
देश में चौथा MLFF टोल
टोल मैनेजर प्रदीप मलिक ने बताया कि बस्ताड़ा हरियाणा का पहला और देश का चौथा MLFF टोल बना है। लोगों से अपील है कि फास्टैग एक्टिव रखें और बैलेंस मेंटेन करें। NHAI की प्लानिंग है कि जल्द ही यह सिस्टम पूरे देश में लगाया जाए। इससे समय बचेगा, पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा