गंगटोक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के साथ-साथ पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के लिए ‘एक्ट फास्ट’ के दृष्टिकोण पर भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों को भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ बताते हुए कहा कि ये क्षेत्र देश की समृद्धि और विकास के प्रमुख केंद्र हैं।
सिक्किम के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में राज्य के 50 वर्ष पूरे होने के समारोह में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सिक्किम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें बागडोगरा से एक्सप्रेसवे निर्माण, गंगटोक में रिंग रोड, नाथुला के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और रोपवे-स्काईवे जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
पर्यटन पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन सिक्किम की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 1,000 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं और एडवेंचर व इको-वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है।
जैव विविधता और ऑर्गेनिक खेती की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम की जैव विविधता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोग प्रकृति के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने ऑर्गेनिक खेती को भविष्य के सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने फुटबॉल और तीरंदाजी जैसे खेलों में प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कांग्रेस पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने सिक्किम के विकास, विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और सुलभ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
रेल परियोजना को मिली गति
प्रधानमंत्री ने सेवोके-रंगपो रेल परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसे पूर्व में मंजूरी मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया था, लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
‘पूर्व का स्वर्ग’ बताया सिक्किम
पीएम मोदी ने सिक्किम को “पूर्व का स्वर्ग” बताते हुए इसकी प्राकृतिक सुंदरता, खासकर ऑर्किड और शांत वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर के पर्यटकों से बड़ी संख्या में यहां आने की अपील की। प्रधानमंत्री ने समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी सराहना की और कहा कि यह देश की विविधता और एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने अपने दौरे के दौरान मिले जनसमर्थन और भव्य स्वागत को भी याद किया।