दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे आर्थिक साझेदारी को नई गति मिलेगी।
एफटीए को बताया ऐतिहासिक कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत भरोसे, साझा मूल्यों और विकास की समान आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने इसे आधुनिक, संतुलित और भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया समझौता बताया, जो द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा।
किसानों और युवाओं को होगा बड़ा लाभ
पीएम मोदी ने कहा कि इस एफटीए का सीधा लाभ किसानों, युवाओं, महिलाओं, कारीगरों, एमएसएमई, स्टार्टअप और छात्रों को मिलेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता नवाचार और कौशल विकास को भी बढ़ावा देगा।
20 अरब डॉलर निवेश से मजबूत होगा सहयोग
प्रधानमंत्री ने बताया कि न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश कृषि, विनिर्माण, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेगा और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी का आधार तैयार करेगा।एफटीए के तहत कृषि उत्पादकता साझेदारी और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन मिलेंगे। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादन पर पड़ेगा।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण और सप्लाई चेन में अपनी भूमिका लगातार बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि “मेक इन इंडिया” पहल और न्यूजीलैंड का निवेश मिलकर एक मजबूत औद्योगिक साझेदारी बनाएंगे, जिससे एमएसएमई और स्टार्टअप को बड़ा फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी इस समझौते से सबसे अधिक लाभान्वित होगी। यह एफटीए कौशल विकास, रोजगार सृजन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। इससे दोनों देशों में तकनीकी सहयोग भी मजबूत होगा।
पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को बढ़ावा
पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता आयुष, योग और जैविक उत्पादों जैसी भारत की पारंपरिक प्रणालियों को वैश्विक पहचान देगा। इससे न केवल आर्थिक बल्कि सांस्कृतिक सहयोग भी मजबूत होगा। इस एफटीए पर भारत की ओर से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड की ओर से व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए। कुल मिलाकर यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है।