चंडीगढ़,हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि राज्य में उनकी यात्राओं के दौरान उनके कार्यक्रमों में बाधा डालने के लिए जानबूझकर परिस्थितियां उत्पन्न की जाती हैं। सीएम सैनी ने सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में पंजाब की भगवंत मान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जनता से किए गए वादे पूरे न कर अब कार्यकाल के अंतिम चरण में मुफ्त योजनाओं की घोषणा करना उनके काम नहीं आएगा। उन्होंने दावा किया कि लोग आगामी चुनाव में उन्हें सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं।
कार्यक्रम में लगाए गए तंबू को उखाड़ दिया गया
उन्होंने कहा कि जब भी वह पंजाब में कार्यक्रम करने जाते हैं, तो उनके कार्यक्रम स्थल को बार-बार बदल दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम में लगाए गए तंबू को उखाड़ दिया गया और जिस जमीन पर तंबू लगाया गया था, उसे भी खोद दिया गया ताकि वहां दोबारा आयोजन न हो सके।
सीएम सैनी यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल तक लाने वाली बसों को रास्ते में रोक दिया जाता है। सैनी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तरह ही पंजाब में भी ऐसा माहौल बनाया जा रहा है।
हाल के दौरों के दौरान विरोध
पिछले महीने लुधियाना में रैली स्थल की ओर जाते समय आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सैनी को काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की थी। वहीं अमृतसर दौरे के दौरान भी आप नेताओं और विधायकों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। सीएम सैनी ने कहा कि सड़कों को अवरुद्ध करने या अशांति पैदा करने से जनता प्रभावित नहीं होगी और चुनाव में इसका जवाब देगी।
मान सरकार पर निशाना
हरियाणा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भगवंत मान हरियाणा आए थे, तब उन्हें पूरा सम्मान दिया गया था और पुलिस को गार्ड ऑफ ऑनर देने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने सवाल किया कि पंजाब में उन्हें ऐसा सम्मान क्यों नहीं मिलता। सीएम सैनी ने पंजाब में कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और किसानों व महिलाओं की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार को इन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
नई योजना पर भी सवाल
सीएम सैनी ने हाल ही में पंजाब सरकार द्वारा घोषित योजना पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर ऐसी घोषणाएं करना “अलादीन का चिराग” रगड़ने जैसा है।