मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुंबई में व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। यह वार्ता फ्रांसीसी राष्ट्रपति के तीन दिवसीय भारत दौरे के पहले दिन आयोजित की गई। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों मंगलवार सुबह मुंबई पहुंचे। उनका यह दौरा भारत द्वारा फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी देने के कुछ ही दिनों बाद हुआ। इस सौदे को हाल के वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य खरीदों में से एक माना जा रहा है। इस अवसर पर दोनों देशों ने रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया।
द्विपक्षीय सहयोग और रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भविष्य की रणनीति और साझा परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। इस दौरान द्विपक्षीय निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
नवाचार वर्ष और एआई शिखर सम्मेलन
वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ की शुरुआत से जुड़े समारोह में हिस्सा लिया। यह पहल दोनों देशों के दशकों पुराने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। नवाचार वर्ष के अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्टार्टअप, शिक्षाविद और रचनाकार एक साथ आकर अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भी भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने मैक्रों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और वैश्विक प्रगति में योगदान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस का सहयोग केवल रणनीतिक नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता और तकनीकी प्रगति को बढ़ाने वाला भी है।