Pariksha Pe Charcha 2025: (नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे स्वयं को प्रौद्योगिकी का गुलाम न बनने दें, बल्कि उसका उपयोग अपनी क्षमता और कौशल को बढ़ाने के लिए करें।
मोबाइल के गुलाम बनते जा रहे बच्चे
‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरे एपिसोड में छात्रों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बच्चे ऐसे हो गए हैं, जो मोबाइल फोन या टेलीविजन स्क्रीन के बिना भोजन भी नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि यह स्थिति इस बात का संकेत है कि बच्चे प्रौद्योगिकी के गुलाम बनते जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात के विद्यार्थियों से हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा, “आपको यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि आप स्वयं को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देंगे।”
उभरती तकनीकों से न डरें
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से डरें नहीं, बल्कि उनका उपयोग अपने कौशल को निखारने और अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए करें।
परीक्षा तैयारी और नींद पर जोर
उन्होंने परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कि अच्छी तैयारी करने से तनाव नहीं होता और रात में अच्छी नींद लेने से व्यक्ति दिनभर प्रसन्न रहता है।
शिक्षकों और मां की भूमिका अहम
प्रधानमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उनके शिक्षकों ने उन्हें स्वस्थ रहने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी महान व्यक्ति से पूछने पर वह यही बताएगा कि उसकी मां और शिक्षकों ने उसके जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नेतृत्व के विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल चुनाव लड़ना नहीं होता। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की एक बड़ी खूबी यह है कि व्यक्ति कम से कम दस लोगों तक अपने विचार स्पष्ट रूप से पहुंचा सके।