पटना: बिहार की डबल इंजन सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत रफ्तार दे दी है। योजना एवं विकास विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य की विकास दर 13 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। विभागीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वर्तमान मूल्यों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की वार्षिक वृद्धि दर 13.09 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि स्थिर मूल्य (2011-12 आधार) पर यह 8.64 प्रतिशत रही। यह आंकड़े बिहार को देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों की श्रेणी में शामिल करते हैं।
बिहार के लोगों की बढ़ी आमदनी
इस वृद्धि से प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये तक पहुंच गई, जबकि स्थिर मूल्यों पर यह 40,973 रुपये रही। पिछले वर्षों की तुलना में यह रिकॉर्ड उछाल बिहार की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का संकेत है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, जैसे मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और क्षेत्र विकास योजनाओं, ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन योजनाओं से युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिले हैं।
क्या रहीं प्रमुख वजहें
बिहार की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर आधारित है, लेकिन कृषि, उद्योग और निर्माण क्षेत्र में भी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार की सहायता और राज्य की नीतियों से बुनियादी ढांचे का विकास तेज हुआ है, जिससे निवेश आकर्षित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि दर बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, चुनौतियां अभी भी बाकी हैं, जैसे बेरोजगारी कम करना और सभी जिलों में समान विकास सुनिश्चित करना।
आने वाले वर्ष 2025-26 में GSDP के और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बिहार 10 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो सकता है। यह विकास राज्य के लिए न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक उत्थान का भी आधार बनेगा।