वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 72वीं सीनियर राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेडियम में मौजूद रहे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में आयोजित इस टूर्नामेंट में देशभर से 58 टीमों के 1000 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह चैंपियनशिप 4 से 11 जनवरी तक चलेगी और पुरुष एवं महिला वर्ग में मुकाबले होंगे।
पीएम ने खिलाड़ियों को दिया मंत्र
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि वॉलीबॉल एक साधारण खेल नहीं है, बल्कि यह संतुलन, समन्वय और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस खेल में ‘टीम फर्स्ट’ का मंत्र अपनाया जाता है, जहां हर खिलाड़ी टीम की जीत के लिए खेलता है। प्रधानमंत्री ने वॉलीबॉल को भारत की विकास यात्रा से जोड़ा और कहा कि देश भी समन्वय, विश्वास और समर्पण के साथ इसी टीम भावना से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने काशी के सांसद के रूप में सभी खिलाड़ियों का स्वागत किया और शुभकामनाएं दी।
खेल में हुए सुधारों ने दिया युवाओं को मौक़ा
प्रधानमंत्री ने खेलों में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 के बाद सरकार ने खेल क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं। खेलो इंडिया अभियान से सैकड़ों युवा प्रतिभाएं सामने आई हैं। स्कूल स्तर पर एथलीट्स को ओलंपिक एक्सपोजर दिया जा रहा है। पिछले दशक में भारत ने 20 से अधिक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन किए, जैसे फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप और हॉकी वर्ल्ड कप। पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी तैयारी कर रहा है।
यूपी 43 साल बाद कर रहा मेजबानी
यह पहली बार है जब पूर्वांचल में इतने बड़े स्तर की राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप हो रही है। उत्तर प्रदेश 43 वर्ष बाद इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है। स्टेडियम को रंग-बिरंगे झंडों और बैनरों से सजाया गया है। उद्घाटन से पहले मार्च पास्ट हुआ और देशभक्ति गीत गूंजे। खिलाड़ी उत्साहित हैं और कई ने सरकार की खेल नीतियों की सराहना की। असम के एक खिलाड़ी ने कहा कि अब अवसर बढ़े हैं और युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। यह आयोजन काशी को खेल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।