जापान को पीछे छोड़ भारत बना दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था, पीएम मोदी ने ली अर्थशास्त्रियों की बैठक

PM Narendra Modi

India 4th World largest economy: नये साल के आग़ाज़ से पहले जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत की अर्थ व्यवस्था अब 4,180 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गई है। सरकार के बयान में कहा गया कि भारत लगातार मजबूत वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। इस दौरान पीएम मोदी ने मंगलवार को नीति आयोग में 2047 के विकसित भारत का रोडमैप तैयार करने और दीर्घकालिक वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों की बैठक ली।

5 साल में जर्मनी को भी छोड़ सकता है पीछे

विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक भारत जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुँच सकता है, जब इसकी जीडीपी 7,300 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।

जीडीपी वृद्धि में तेजी

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही, जो पहली तिमाही के 7.8 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 7.4 प्रतिशत से अधिक है। यह छह तिमाहियों में सबसे उच्च वृद्धि दर है। सरकारी बयान में कहा गया कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद यह आंकड़ा भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

घरेलू मांग और निजी उपभोग का योगदान

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि में घरेलू कारकों का बड़ा योगदान रहा है। मजबूत निजी उपभोग और निवेश के कारण अर्थव्यवस्था ने यह तेजी बनाए रखी है। इसमें आम लोगों की बढ़ती खर्च करने की क्षमता और बाजार में मांग के मजबूत संकेत मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय अनुमानों का समर्थन

भारत की इस वृद्धि को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने भी मान्यता दी है। विश्व बैंक ने भारत की 2026 में 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसी तरह, मूडीज का अनुमान है कि भारत 2026 में 6.4 प्रतिशत और 2027 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ जी-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी 2025 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत और 2026 के लिए 6.2 प्रतिशत कर दिया है। ये अनुमानों से स्पष्ट है कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर तेजी से उभर रही है।

वैश्विक आर्थिक स्थिति में भारत की मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था में यह मजबूत प्रदर्शन वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद जारी रहेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार में बाधाओं के बावजूद भारत का घरेलू आर्थिक मॉडल और मजबूत निजी खपत इसे स्थिर बनाए रखने में मदद कर रहा है।

दुनिया में भारत की स्थिति

अभी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका है, जबकि चीन दूसरे स्थान पर है। भारत की चौथी स्थिति इसे वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर प्रमुख भूमिका देने में मदद करेगी। आने वाले वर्षों में भारत तीसरे स्थान पर जाकर जर्मनी को पीछे छोड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल आर्थिक ताकत का संकेत है, बल्कि निवेश और व्यापार के अवसरों के विस्तार का भी संकेत देता है। भारत के तेजी से बढ़ते अर्थव्यवस्था, मजबूत घरेलू मांग, और अंतरराष्ट्रीय अनुमानों के समर्थन ने इसे वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर नई ऊँचाई पर पहुँचाया है।

भविष्य की संभावनाएँ

भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन से यह स्पष्ट है कि देश आने वाले वर्षों में दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निजी निवेश, घरेलू खपत और निर्यात में वृद्धि इसे 2030 तक तीसरे स्थान पर पहुँचाने में मदद कर सकती है।

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