भारत यूक्रेन संकट में तटस्थ नहीं शांति के पक्ष में है खड़ा, PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से कही ये बड़ी बात

(नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के नवीनतम प्रयासों का पुरजोर समर्थन किया और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह संदेश दिया कि भारत इस संघर्ष का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए सभी शांति प्रयासों में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।

शिखर वार्ता में यूक्रेन मुद्दा केंद्रीय

यूक्रेन संकट दोनों नेताओं की वार्षिक शिखर वार्ता में केंद्रीय रूप से उभरा। इस शिखर वार्ता का उद्देश्य लगभग आठ दशक से जारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करना था, जो जटिल भू-राजनीतिक माहौल और तनावों के बावजूद स्थिर बनी रही।

भारत तटस्थ नहीं शांति का है पक्षधर

पीएम मोदी ने शिखर वार्ता के दौरान अपने संबोधन की शुरुआत में कहा भारत यूक्रेन संघर्ष को लेकर तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति का पक्षधर है। यूक्रेन संघर्ष के शुरू होने के बाद से हम चर्चा करते रहे हैं। एक करीबी मित्र के रूप में, आप हमें स्थिति के बारे में नियमित रूप से सूचित करते आए हैं। मुझे लगता है कि विश्वास एक बड़ी ताकत है।

उन्होंने आगे कहा हम सभी को शांति का मार्ग तलाशना चाहिए। मैं नवीनतम प्रयासों से अवगत हूं और मुझे विश्वास है कि दुनिया शांति की ओर रुख करेगी। मैंने हमेशा कहा है कि भारत तटस्थ नहीं है भारत का एक पक्ष है और वह है शांति। हम सभी शांति प्रयासों का समर्थन करते हैं और इन कोशिशों के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

मॉस्को शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कर रहा है काम

रूसी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि मॉस्को संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम कर रहा है। पुतिन का बृहस्पतिवार शाम को लाल कालीन पर स्वागत किया गया। यह उनकी चार साल बाद पहली भारत यात्रा है और फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *