Delhi pollution update: (नई दिल्ली): राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुँच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 405 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है। राजधानी के 30 से अधिक मॉनिटरिंग स्टेशनों में ज्यादातर AQI ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया। राजघाट और आईटीओ में AQI 417, चांदनी चौक में 420 और द्वारका में 378 दर्ज किया गया।
आनंद विहार, अलीपुर और अशोक विहार में भी AQI 400 से ऊपर रहा। इससे पहले शनिवार सुबह शहर का औसत AQI 386 था, यानी वायु गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ। घने कोहरे और प्रदूषण के कारण तापमान राजधानी में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। इंडिया गेट और अन्य प्रमुख स्थलों पर धुएँ की मोटी परत छाई रही, जबकि लोग इसी स्थिति में अपनी सुबह की दिनचर्या में व्यस्त थे।
स्कूलों और आम लोगों पर प्रभाव
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटीज स्थगित कर दी गई हैं। गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ वायु गुणवत्ता और खराब होने की संभावना है।
गाजियाबाद के डिप्टी सीएमओ डॉ. आर.के. गुप्ता ने चेतावनी दी कि अस्पतालों में सांस और आंखों की समस्या वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने लोगों को मास्क पहनने, सुबह और शाम खुले में हैवी एक्टिविटीज से बचने और गंभीर रोगियों को किसी भी परेशानी पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी।
नागरिकों को सुरक्षा की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण से बचाव ही एकमात्र उपाय है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें, बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण से बचाने के लिए विशेष ध्यान दें और व्यायाम या दौड़ जैसी शारीरिक गतिविधियाँ खुले में कम से कम करें।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए, दिल्ली-एनसीआर में नागरिकों और प्रशासन दोनों के लिए सतर्कता जरूरी है। प्रदूषण का स्तर नियंत्रित नहीं होने पर स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो पहले से सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रसित हैं।