India-Bhutan partnership: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और भूटान केवल सीमाओं से नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा से भी गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का आह्वान किया।
कनेक्टिविटी से खुलेगा समृद्धि का रास्ता
थिंपू में भूटान के पूर्व नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कनेक्टिविटी अवसर पैदा करती है और अवसर समृद्धि लाते हैं। उन्होंने बताया कि गेलेफु और समत्से शहरों को भारत के विशाल रेल नेटवर्क से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इससे भूटान के उद्योगों और किसानों को भारत के बाजार तक आसानी से पहुंच मिलेगी।
सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क और रेल परियोजनाओं के साथ-साथ दोनों देश सीमा पर बुनियादी ढांचे को भी बेहतर बनाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने भूटान की “गेलेफु माइंडफुलनेस सिटी” पहल की सराहना करते हुए इसके विकास के लिए भारत के पूर्ण समर्थन की घोषणा की।
नई जलविद्युत परियोजना से 40 प्रतिशत क्षमता बढ़ेगी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-भूटान की ऊर्जा साझेदारी दोनों देशों के विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि भूटान दुनिया का पहला “कार्बन-निगेटिव” देश है और वह अपनी 100 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न करता है। पीएम मोदी ने बताया कि 1,000 मेगावाट की नई जलविद्युत परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे भूटान की बिजली उत्पादन क्षमता में 40 प्रतिशत की वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और भूटान अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी एक साथ काम कर रहे हैं। आज दोनों देशों के बीच इससे जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।
भारत-भूटान के रिश्ते सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं
मोदी ने कहा भारत और भूटान के रिश्ते केवल सीमाओं से नहीं, बल्कि संस्कृतियों, भावनाओं और शांति से भी जुड़े हैं।”
उन्होंने याद किया कि 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा भूटान की ही थी, जिसे वे आज भी गर्व से याद करते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने पिछले वर्ष भूटान की पंचवर्षीय योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान की प्रगति और समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है।