(नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सिख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी की जयंती के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। देशभर में यह दिन गुरुपर्व के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है
गुरु नानक देव जी के उपदेश मानवता के लिए प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि “श्री गुरु नानक देव जी का जीवन और उनके उपदेश शाश्वत ज्ञान के प्रतीक हैं, जो मानवता को सदैव सही मार्ग दिखाते रहेंगे।” उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं करुणा, समानता, विनम्रता और सेवा की भावना से ओतप्रोत हैं, और ये मूल्य आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उनकी दिव्य ज्योति हमारे ग्रह को सदा प्रकाशमय करती रहे और हम सबको सत्य और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहे। उन्होंने आगे कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन समाज में भाईचारे, समानता और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।
कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली पर भी दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर भी राष्ट्र को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से गहराई से जुड़ा हुआ है। कार्तिक पूर्णिमा का दिन देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, जबकि वाराणसी में इसे देव दीपावली के रूप में विशेष रूप से मनाया जाता है। पीएम मोदी ने कहा, “सभी देशवासियों को कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ा यह दिव्य अवसर सभी के जीवन में सुख, शांति, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने आगे जोड़ा, “पवित्र स्नान, दान, आरती और पूजा से जुड़ी हमारी परंपराएं समाज में प्रकाश, सकारात्मकता और आध्यात्मिकता फैलाने का माध्यम हैं।”
देशभर में दिखा उत्सव का उल्लास
इन दोनों पर्वों के अवसर पर पूरे देश में भक्ति और आनंद का माहौल रहा। गुरुद्वारों में भजन-कीर्तन, लंगर और सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं, घाटों और नदियों के किनारे दीप जलाकर कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली का उत्सव मनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी के इन संदेशों ने देशवासियों को एकता, सद्भाव और भक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया। इन पावन अवसरों ने राष्ट्र को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया।