Bihar Assembly elections 2025: (मुजफ्फरपुर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को बिहार में विपक्षी दल कांग्रेस-राजद गठबंधन पर छठ पूजा का अपमान करने, राम मंदिर निर्माण को लेकर समस्याएं खड़ी करने और वोट बैंक तथा तुष्टिकरण की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने यह टिप्पणी मुजफ्फरपुर और छपरा में आयोजित चुनावी रैलियों के दौरान की।
प्रधानमंत्री का यह बयान राहुल गांधी द्वारा बुधवार को लगाए गए आरोपों के एक दिन बाद आया। राहुल ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने छठ पूजा के अवसर पर दिल्ली में यमुना में डुबकी लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन अस्वच्छ नदी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि यह छठ पर्व का अपमान है, जिसे बिहार के लोग सदियों तक नहीं भूलेंगे।
छठ पूजा और सांस्कृतिक विरासत
पीएम मोदी ने कहा, “छठ पूजा अब दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह पर्व केवल भक्ति का प्रतीक नहीं बल्कि समानता का प्रतीक भी है। यही कारण है कि हमारी सरकार इसे यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत का दर्जा दिलाने का प्रयास कर रही है।” उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान छठ के गीत सुनकर वे भावुक हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस-राजद नेता इस पर्व का उपहास कर रहे हैं और इसे ‘नाटक’ और ‘नौटंकी’ कह रहे हैं।
विपक्ष के आरोपों पर पीएम मोदी का तीखा पलटवार
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस-राजद गठबंधन केवल वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल घुसपैठियों को संरक्षण दे रहे हैं और बिहार की सांस्कृतिक विरासत को चुनौती दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा वे विदेश दौरे पर जा सकते हैं, लेकिन राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर कभी नहीं गए।” उन्होंने ने विपक्ष को ‘नामदार’ करार देते हुए कहा, “वे इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे कि एक पिछड़े वर्ग का नेता, जो कभी चाय बेचता था, आज इतनी ऊंचाइयों पर पहुंच गया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद नेताओं ने बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान किया।
चुनावी वादे और घोषणापत्र
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि सभी सर्वेक्षण यह बता रहे हैं कि राजद-कांग्रेस गठबंधन विधानसभा चुनाव में अपमानजनक हार का सामना करेगा, जबकि राजग बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी घोषणापत्र वादों से भरा है, जो “रंगदारी, फिरौती, भ्रष्टाचार और लूट” का प्रतीक हैं।
पीएम मोदी ने कांग्रेस-राजद गठबंधन को पांच ‘क’ – कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन – का प्रतीक करार दिया। उन्होंने चिंता जताई कि राजद की रैलियों में हिंसक गाने बजाए जा रहे हैं, जिनमें ‘कट्टा’, ‘छुरा’, ‘दुनाली’ और बहन-बेटियों के अपहरण का जिक्र है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में राजद शासन के दौरान 35,000-40,000 अपहरण हुए और माफियाओं ने वाहन शोरूम लूटने जैसे अपराध किए।
पूर्व नेताओं और सांसदों पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बिहारियों के प्रति घृणा रखते हैं और सत्ता में आने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की बेटी और पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के निजी मामलों में भी राजनीति की जाती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद शासन के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय माफियाओं के लिए शरणस्थली बन गया था और कई अधिकारियों और उनके परिवारों के साथ अन्याय हुआ
राजग का संदेश विकास और सुशासन
पीएम मोदी ने कहा कि राजग सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सम्मान के साथ बिहार सहित सभी राज्यों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने का पक्षधर है। प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों से ‘नरेन्द्र-नीतीश’ गठबंधन में विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजग का लक्ष्य केवल विकास, सुशासन और सांस्कृतिक संरक्षण है, जबकि विपक्ष केवल वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करता है।