Haryana IPS officer suicide case: (चंडीगढ़): हरियाणा कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी वाई. पूरण कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आया है। परिवार द्वारा लंबे समय से पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देने के चलते जहां शव परीक्षण अटका हुआ था, वहीं अब अंततः परिजन इसकी सहमति दे चुके हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब जल्द ही पोस्टमार्टम प्रक्रिया पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ में पूरी की जाएगी।
आईपीएस पूरण कुमार ने 7 अक्टूबर को कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। घटना के तुरंत बाद उनका शव पीजीआईएमईआर की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अधिकारी की मृत्यु रहस्यमयी हालात में हुई थी, जिसके पीछे आत्महत्या का संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों का खुलासा शव परीक्षण के बाद ही हो पाएगा।
परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से कर दिया था इनकार
शुरुआती जांच के दौरान मृतक अधिकारी के परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। परिवार का कहना था कि वे शव परीक्षण को अनावश्यक मानते हैं और वे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं। परिजन विशेष रूप से अधिकारी की पत्नी, जो स्वयं एक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं अमनीत पी. कुमार ने भी इस पर आपत्ति जताई थी।
परिवार की सहमति न मिलने के कारण चंडीगढ़ पुलिस को मजबूरन अदालत का रुख करना पड़ा। पुलिस ने स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर कर मृतक के परिजनों को शव की पहचान करने और पोस्टमार्टम की अनुमति देने का निर्देश जारी करने की मांग की। पुलिस ने दलील दी कि यह मामला सार्वजनिक महत्व का है और बिना शव परीक्षण के मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सकता, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
अदालत की सख्ती के बाद सहमति
चंडीगढ़ की स्थानीय अदालत ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए मृतक की पत्नी अमनीत पी. कुमार को नोटिस जारी किया और उन्हें 15 अक्टूबर तक व्यक्तिगत रूप से या अपने वकील के माध्यम से जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समय सीमा के भीतर कोई उत्तर नहीं मिलता है, तो मामले पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
आगे की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आत्महत्या की पुष्टि या अन्य किसी पहलू पर विस्तार से जानकारी मिल पाएगी। जांच अधिकारी मामले की हर पहलू से पड़ताल कर रहे हैं, जिसमें पारिवारिक, मानसिक, और पेशेवर कारणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।