Delhi Drainage Master Plan: (नई दिल्ली): नई दिल्ली: दिल्ली हर साल मानसून में जलभराव और सीवर समस्या जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझती है। इस बार राजधानी को जलभराव से बचाने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने मिलकर ₹57,000 करोड़ की लागत से ड्रेनेज मास्टर प्लान की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक बनाना और आने वाले 50 सालों तक शहर को बाढ़ मुक्त रखना है।
टीमवर्क से मिली सफलता”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 7 महीनों में दिल्ली सरकार ने जलभराव रोकने के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने बताया, “हमने अपनी सरकार की शुरुआत नालों की सफाई से की और इसका असर दिखा कि इस बार दिल्ली में कहीं भी जलभराव नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में तीन इंजन की सरकार मेहनत से काम कर रही है और केंद्र सरकार हर कदम पर साथ दे रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे केवल कार्यालय में बैठकर काम नहीं करतीं, बल्कि टीम के साथ मिलकर फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान ढूंढ़ती हैं। उन्होंने पिछले मुख्यमंत्री की तुलना में कहा, “मुझे 6 महीने हुए हैं, लेकिन मैं 11 साल वाले मुख्यमंत्री से भी ज्यादा दिल्ली की समस्याओं को समझती हूं।”
तीन बेसिनों में बंटा गया दिल्ली
सीएम गुप्ता ने बताया कि दिल्ली को तीन ड्रेनेज बेसिन नजफगढ़, बरापुल्ला और ट्रांस-यमुना में बांटा गया है और इस योजना के तहत अलग-अलग फेज में काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यमुना की सफाई के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री खुद बैठकें कर रहे हैं, जिसमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस बार तेज बारिश हुई, लेकिन फुल्लेन के बाहर पानी नहीं आने दिया गया, जो इस ड्रेनेज प्लान की मजबूती को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले 50 सालों में दिल्ली बिना किसी चिंता के इस योजना के कारण सुरक्षित रहेगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली की समस्याएं उन्हें भली-भांति पता हैं क्योंकि वे खुद कई वर्षों तक दिल्ली के निवासी रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पहले की सरकारें केवल सत्ता का इस्तेमाल करती थीं और विकास के काम को नजरअंदाज कर दिया था। मंत्री खट्टर ने कहा, “दिल्ली एक बड़ा शहर और देश की राजधानी है, लेकिन पूर्ण राज्य न होने के कारण केंद्र सरकार की भी यहां बड़ी भूमिका है। हम सब मिलकर दिल्ली की समस्याओं का समाधान निकाल रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि इस मास्टर प्लान के लिए ₹57,000 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें केंद्र सरकार का पूरा सहयोग है। उन्होंने साफ किया कि पूर्व सरकारों ने जो फंड्स विकास के लिए मिले, उनका सही इस्तेमाल नहीं किया, जिससे समस्याएं बनी रहीं।
कूड़ा-करकट हटाने और सफाई अभियान
मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली की तीन बड़ी डंप साइट्स को खत्म करने का संकल्प लिया है। उन्होंने खास तौर पर भलस्वा डंप साइट की सफाई की जिम्मेदारी ली है और कहा कि एक साल के भीतर इसे साफ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब भी हरियाणा जाते हैं, तो भलस्वा के कूड़े का पहाड़ दिखता है, जो आंखों को चुभता है।”
मंत्री खट्टर ने कहा कि दिल्ली की यमुना नदी की सफाई और डिसिल्टिंग बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि ITO बैराज और ओखला बैराज जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पानी का लेवल 7 मीटर तक ऊपर-नीचे होता रहता है, लेकिन पूर्व सरकारों ने इन जगहों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि अभी ITO बैराज हरियाणा के अधीन है, लेकिन जल्द ही इसे दिल्ली सरकार को सौंप दिया जाएगा, जिससे बेहतर प्रबंधन संभव होगा। साथ ही, हथिनीकुंड से पानी छोड़ना पड़ता है, क्योंकि वहां भी पानी डेंजर लेवल पर पहुंच जाता है।
पानी की समस्या का समाधान
मंत्री खट्टर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के बंटवारे की समस्या है, जिसके कारण हरियाणा को मिलने वाला पानी ही दिल्ली को भी मिलता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने इंडस वाटर ट्रीटी को रद्द करने की घोषणा की है, जो देश के लिए लाभकारी होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भरोसा दिया कि आने वाले समय में बारिश दिल्ली के लिए कोई मुसीबत नहीं, बल्कि आनंद का अवसर बनेगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा कि पूरे प्रोजेक्ट के तहत काम तेजी से किया जाएगा और दिल्ली की साफ-सफाई, जल निकासी में सुधार होगा।