CM Rekha Gupta planted trees: (नई दिल्ली): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी के सेंट्रल रिज स्थित पीबीजी पोलो ग्राउंड में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर एक भावनात्मक संदेश दिया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे ‘सेवा पखवाड़ा’ के अंतर्गत किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का प्रयास नहीं है, बल्कि यह मां और धरती मां के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे भी अपनी मां के नाम एक पौधा अवश्य लगाएं।
अभियान को मिला अंतरराष्ट्रीय स्वरूप
इस कार्यक्रम में 70 देशों के 75 राजनयिकों ने भाग लिया, जिन्होंने अपने हाथों से पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को वैश्विक सहयोग का रूप दे दिया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव भी उपस्थित थे। उन्होंने दिल्ली सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक सहभागिता समय की मांग है और यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।”
70 लाख पौधों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर जानकारी दी कि दिल्ली सरकार इस वर्ष राजधानी में 70 लाख पेड़ लगाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। यह लक्ष्य सिर्फ हरियाली बढ़ाने का नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने, वायु प्रदूषण को घटाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का है।
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा, विदेशी मेहमानों, राजनयिकों और दिल्ली प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुटता दिखाई।
75 विकास परियोजनाओं की होगी शुरुआत
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली सरकार की 17 प्रमुख परियोजनाओं और योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत कुल 75 विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी पहलों को शुरू किया जाएगा। यह पखवाड़ा दो अक्टूबर, महात्मा गांधी जयंती के दिन समाप्त होगा।
सेवा और विकास का संगम
‘सेवा पखवाड़ा’ का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस को सेवा, जनहित और पर्यावरण के प्रति समर्पण के रूप में मनाना है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से यह अभियान राजधानी में सामाजिक और भौतिक विकास को नई दिशा देने का प्रयास है।