जम्मू-कश्मीर में सामने आए ‘बेडरूम जिहादी’, जानें ये क्या हैं, जो सेना के लिए बने नई चुनौती

Indian Army

J&K terrorist: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां अब एक नए प्रकार के खतरनाक तत्वों से जूझ रही हैं जिन्हें ‘बेडरूम जिहादी’ कहा जा रहा है। ये वे लोग हैं जो हथियार नहीं, बल्कि दूसरे तरीकों से जेहाद को अंजाम दे रहे हैं। यह जम्मू-कश्मीर में सेना के लिए नया सिरदर्द बन चुके हैं। आइये जानते हैं कि ये ‘बेडरूम जिहादियों’ की नई बला क्या है और किस तरह से आतंक का पर्याय बने हैं।

क्या हैं ‘बेडरूम जिहादी’

सेना के अनुसार ये स्मार्टफोन और इंटरनेट का सहारा लेकर अपने घरों से ही घाटी में सांप्रदायिक तनाव और भ्रम का माहौल बनाने में लगे हैं। इन तथाकथित जिहादियों का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया के ज़रिए गलत सूचना फैलाना, अफवाहें फैलाना और युवाओं को कट्टरपंथी विचारों की ओर धकेलना है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार यह खतरा अब पारंपरिक आतंकवादियों जितना ही गंभीर हो गया है।

पाकिस्तान से जुड़ा सोशल मीडिया नेटवर्क

जांच में पाया गया है कि हजारों फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों और उनके समर्थकों द्वारा संचालित हो रहे हैं। ये अकाउंट कश्मीर के स्थानीय डिजिटल स्पेस में घुसपैठ कर लोगों को भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क का उद्देश्य विधानसभा चुनावों के सफल आयोजन के बाद जम्मू-कश्मीर में बनी स्थिरता को अस्थिर करना है।

वर्चुअल युद्ध का नया चेहरा

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अब युद्ध बंदूक से नहीं, की-बोर्ड और फर्जी खबरों से लड़ा जा रहा है। कोई भी व्यक्ति अपने घर से ही सोशल मीडिया पर नफरत फैलाकर पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर सकता है।”
हाल ही में मुहर्रम के दौरान एक फर्जी पोस्ट से दो मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी, लेकिन श्रीनगर पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया।

कश्मीरी पंडितों के विवरण लीक का मामला

प्रधानमंत्री पुनर्वास योजना के तहत काम कर रहे कश्मीरी पंडित प्रवासियों के व्यक्तिगत विवरण सोशल मीडिया पर लीक किए गए, जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यकों में डर फैलाना था। जांच में एक स्थानीय युवक को पकड़ा गया, जो सीमा पार से निर्देशों पर काम कर रहा था।

सतर्कता जारी

पुलिस ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने इस खतरे को “साइलेंट लेकिन प्रभावशाली आतंकवाद” कहा है, जो समय रहते न रोका जाए तो गंभीर परिणाम दे सकता है।

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