CM Rekha Gupta on CAG report: (नई दिल्ली): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कैग (CAG) रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि आप सरकार ने सत्ता में रहते हुए सार्वजनिक संपत्ति निर्माण की बजाय प्रचार और विज्ञापन पर भारी खर्च किया, जिससे दिल्ली को विकास की बजाय “राजनीतिक हथकंडों” का शिकार बनना पड़ा।
“आप” ने दिया दिल्ली को धोखा
मुख्यमंत्री ने बताया कि आप सरकार ने मुफ्त पानी और बिजली जैसी सुविधाओं को केवल राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया और जनता को दिखाया कि मानो ये सब कुछ वे अपनी जेब से दे रहे हों। उन्होंने कहा, “आप ने दिल्ली को धोखा दिया। आपने न सड़कें बनाईं, न सीवर लाइनें डालीं, न स्कूल और न अस्पताल बनाए। सिर्फ विज्ञापन और प्रचार पर खर्च किया।”
विधानसभा में पेश हुई कैग रिपोर्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह बयान उस समय दिया जब सोमवार को दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कैग रिपोर्ट 2023-24 सदन में पेश की गई। रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि वर्ष 2023-24 में दिल्ली सरकार का राजस्व अधिशेष पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत तक कम हो गया है। सीएम गुप्ता ने सदन में यह भी मांग की कि वर्ष 2023-24 के लिए दिल्ली के वित्त लेखा और विनियोग लेखा पर आधारित कैग रिपोर्ट को लोक लेखा समिति को भेजा जाए, ताकि इन आंकड़ों की गहराई से समीक्षा हो सके।
आप विधायकों ने किया विरोध 4 को निकाला गया सदन से
मुख्यमंत्री के आरोपों पर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने तीव्र विरोध किया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने आप सरकार पर हमला तेज किया, विपक्षी पार्टी के चार विधायक अनिल झा, कुलदीप कुमार, प्रेम चौहान और जरनैल सिंह को सदन से बाहर निकाल दिया गया। स्पीकर ने यह कार्रवाई सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए की।
“केंद्र सरकार के फंड का नहीं किया उपयोग”
सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आप सरकार केंद्र सरकार पर धन नहीं देने का आरोप लगाती रही है, जबकि केंद्र द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जारी की गई राशि का सही उपयोग ही नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “वे दावा करते हैं कि केंद्र ने सहयोग नहीं किया, लेकिन उन्हें जो फंड मिला, उसका उपयोग भी नहीं किया गया।”
जीएसडीपी में वृद्धि, पर राजस्व में गिरावट
कैग रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) पिछले पांच वर्षों में औसतन 8.79% की दर से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसडीपी 2019-20 में 7.93 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 11.08 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसके बावजूद, राजस्व अधिशेष में गिरावट सरकार की वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनके टैक्स का पैसा वास्तविक विकास पर खर्च हुआ या सिर्फ प्रचार पर। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में सरकार इन मुद्दों पर और गहराई से जांच करेगी और पूर्ववर्ती सरकार की जवाबदेही तय करेगी।