Manohar Lal Khattar Manesar conference: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को मानेसर (गुरुग्राम) में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने शहरी प्रशासन, लोकतंत्र की मजबूती और जनभागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया।
“नीति निर्माण में जनभागीदारी आवश्यक
मनोहर लाल ने कहा लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि इसमें जमीनी स्तर पर लोगों की कठिनाइयों और जरूरतों को समझते हुए नीति निर्धारित होती है। जब नीतियाँ जनभागीदारी से बनती हैं, तभी उनका लाभ व्यापक रूप से जनमानस को मिलता है।”उन्होंने सम्मेलन को मात्र एक आयोजन न मानते हुए इसे “लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में एक अभिनव पहल” बताया।
शहरी निकायों की भूमिका को बताया आधारशिला
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला हैं। यहीं से जनता से सीधा संवाद, समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ होती है। उन्होंने इस सम्मेलन को न केवल एक संवाद का मंच बताया, बल्कि इसे “विकसित भारत 2047” के संकल्प की दिशा में एक ठोस कदम करार दिया।
“विकसित भारत 2047” की ओर अग्रसर
मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि यह आयोजन स्थानीय निकायों के कार्यों को सशक्त बनाएगा और जनप्रतिनिधियों को अपने दायित्वों के बेहतर निर्वहन हेतु प्रोत्साहित करेगा। “मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह आयोजन स्थानीय शहरी निकायों के कामकाज में सुधार और जवाबदेही की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगा,” उन्होंने कहा।