Ahmadabad plane Crash: 265 की मौत, PM मोदी पहुंचे अहमदाबाद किया घटनास्थल का निरीक्षण

Ahmadabad plane Crash: (अहमदाबाद): अहमदाबाद में बृहस्पतिवार को हुए भीषण विमान हादसे के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेघाणी नगर इलाके में स्थित दुर्घटनास्थल का दौरा किया। यह दुर्घटना भारत के विमानन इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक मानी जा रही है। हादसे में कुल 265 लोगों की मौत हो गई, जबकि केवल एक यात्री जीवित बच पाया।

कैसे हुआ विमान हादसा

एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI171, जो कि एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर थी, ने बृहस्पतिवार दोपहर सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद यह विमान तकनीकी खराबी के चलते मेघाणी नगर क्षेत्र में स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी शामिल थे। इसके अलावा दो पायलटों सहित 10 चालक दल के सदस्य भी विमान में मौजूद थे। विमान हादसे में सिर्फ एक यात्री बच पाया, जिसकी पहचान विश्वश कुमार रमेश के रूप में हुई है। वह ब्रिटिश नागरिक हैं और सीट 11A पर बैठे थे, जो आपातकालीन निकासी द्वार के पास थी।

स्थानीय लोगों की मौत

विमान जिस समय मेडिकल कॉलेज परिसर पर गिरा, उस समय वहां कई लोग मौजूद थे। हादसे में चार एमबीबीएस छात्र और एक चिकित्सक की पत्नी की भी मृत्यु हो गई। विस्फोट के बाद आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।

प्रधानमंत्री मोदी का घटनास्थल दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से सीधे मेघाणी नगर क्षेत्र में दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

जांच के लिए किया विशेष समिति का गठन

बताया जा रहा है कि हादसे की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान ने उड़ान भरने के तुरंत बाद ‘मेडे’ कॉल दी थी, जिसके कुछ सेकंड बाद वह रडार से गायब हो गया। एअर इंडिया और टाटा समूह ने मृतकों के परिजनों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा, बोइंग कंपनी और जनरल इलेक्ट्रिक ने तकनीकी जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। यह दुर्घटना न केवल भारत, बल्कि वैश्विक विमानन प्रणाली के लिए भी गंभीर चेतावनी है। हादसे के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है और संबंधित एजेंसियां पूरी गहराई से जांच में जुटी हैं।

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