दिल्ली वालो को मिलेगी जाम से राहत ,दो सबसे लंबी सुरंगो को मिली मंजूरी

Delhi cm Rekha gupta

Delhi Tunnel: (नई दिल्ली): राजधानी दिल्ली को जल्द ही यातायात जाम और प्रदूषण से राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए कुल 24,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें सबसे प्रमुख परियोजना महिपालपुर से वसंत कुंज तक पांच किलोमीटर लंबी एक भूमिगत सुरंग का निर्माण है, जिसकी लागत लगभग 3,500 करोड़ रुपये होगी। गुप्ता ने बताया कि यह सुरंग शिव मूर्ति (द्वारका एक्सप्रेसवे) से शुरू होकर नेल्सन मंडेला रोड (वसंत कुंज) तक जाएगी और इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा निर्मित किया जाएगा। परियोजना को हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में स्वीकृति मिली।

कितने लेन की होगी

परियोजना के तहत दो भूमिगत सुरंगों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक में तीन लेन होंगी। इस प्रकार कुल छह लेनों की यह सुरंग दिल्ली के दक्षिणी हिस्सों को द्वारका, गुरुग्राम और अन्य प्रमुख मार्गों से जोड़ेगी। यह एक सिग्नल-फ्री वैकल्पिक मार्ग होगा जो रोजाना लाखों यात्रियों के लिए सफर को तेज़ और सुगम बनाएगा।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस

मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि यह सुरंग अत्याधुनिक तकनीक से युक्त होगी। इसमें इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम, एडवांस वेंटिलेशन सिस्टम, अग्निशमन प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम, और आपातकालीन निकासी मार्ग जैसे सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे। सुरंग के निर्माण का कार्य 2026 की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है।

जाम से मिलेगी राहत

यह सुरंग निर्माण दिल्ली के व्यस्त मार्गों जैसे रंगपुरी, धौला कुआं, राव तुला राम मार्ग और एनएच-48 पर यातायात को सुगम बनाएगी। साथ ही यह पूर्वी और मध्य दिल्ली को दिल्ली-जयपुर हाइवे (NH-48), दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे (NH-709B), अर्बन एक्सटेंशन रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ेगी।

विकसित दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम

गुप्ता ने इस परियोजना को “भविष्य की दिल्ली की नींव” बताते हुए कहा कि यह दिल्ली के बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा देगी। “यह परियोजना राजधानी के लाखों नागरिकों को लाभ पहुंचाएगी, यातायात जाम से राहत देगी और प्रदूषण स्तर को भी कम करेगी,” उन्होंने कहा। केंद्र की इस स्वीकृति को दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है और इसे राष्ट्रीय राजधानी के लिए विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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