Swati Malliwal Case: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर 13 मई को हुई आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ पिटाई से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता वकील को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सब एक पब्लिसिटी स्टंट है और इसमें राजनीति से जुड़ी सोची-समझी साजिश दिखाई पड़ रही है।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नीजि सचिव विभव कुमार के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास में पीटने के मामले से जुड़ी FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद विभव कुमार को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया था। उल्लेखनीय है कि, याचिकाकर्ता वकील ने कोर्ट में यह याचिका दायर की थी कि स्वाति मालीवाल को मीडिया में अपने आप को प्रचारित न किया जाए। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अपनी सुनवाई में यह कहा कि जब पीड़िता खुद मीडिया के सामने आकर अपनी बात रख रही है तो किसी भी तीसरे इंसान को अपना पक्ष रखने की क्या ज़रूरत है। उनको इस मामले को लेकर क्या समस्या हो रही है।
जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत अरोड़ा की अगुवाई वाली बेंच ने कोर्ट में कहा कि जब पीड़िता को इम मामले पर पब्लिकली बात करने में कोई परेशानी नहीं है तो आप (याचिककार्ता) कौन होते हैं स्वाति का पक्ष रखने वाले। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि पीड़िता शिकायत नहीं कर रही है आप कर रहे हैं। अगर पीड़िता इस पर खुलकर सामने आना चाहती है तो यह उसका निजी फैसला है, इस पर किसी को अपनी तीसरे पक्ष की भूमिका लाने की ज़रूरत नहीं है। जैसे कि देखा जा रहा है कि पीड़िता स्वाति मालीवाल टीवी चैनलों में जाकर इस मामले से जुड़े इंटरव्यू भी देकर आई है।
वकील को दी गई चेतावनी
कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील को चेतावनी दी कि बार काउंसिल में इस याचिका के खिलाफ शिकायत दर्ज की जाएगी क्योंकि यह याचिका बिना किसी शोध के डाली गई है। बेंच ने कहा कि यह सब अपनी राजनीति को बचाने के लिए किया जा रहा है और यह साफ-साफ स्पष्ट है कि यह एक पब्लिसिटी स्टंट है।