India Youth Power: डिजिटल युग में नई-नई तकनीक से सैन्य बलों की ताकत को बढ़ावा दिया है। नई तकनीक से बनाए गए ड्रोन ने सैन्य शक्तियों को काफी मजबूत किया और दुनियाभर में आज ड्रोन की ताकत का लोहा माना जा रहा है। ड्रोन की ताकत से प्रभावित होकर इजराइल ने एक भारतीय कंपनी से करार किया है। यह कंपनी गुजरात के सूरत शहर में स्थित हैं।
इजराइल ने भारत से सालाना एक हजार ड्रोन की मांग की है, यानी अब 10 साल में कुल 10 हजार ड्रोन इजराइल को दिए जाएंगे। बताय़ा जा रहा है कि यह ड्रोन कई सुविधाओं से युक्त है। इन ड्रोनों में कई तरह की सुविधाएं हैं और यह कामकाजी, कृषि से लेकर दुश्मनों पर हमला करने की ताकत रखता है।
कामकाजी ड्रोन को मीलों दूर बैठकर भी ऑपरेट किया जा सकता है। इस ड्रोन को कंपनी ने एफपीबी का नाम दिया है। कामकाजी ड्रोन के साथ कंपनी ने जासूसी के लिए एक छोटा ड्रोन भी बनाय़ा है जिसे एडविक रैकी नाम दिया गया। इसके अलावा कृषि ड्रोन भी है, जिसका प्रयोग खेत में फसलों पर छिड़काव के लिए किया जाता है।
भारतीय युवाओं को किया गया सम्मानित
इस कंपनी से बनाए गए ड्रोन की ताकत से केवल इजराइल ही नहीं बल्कि भारतीय सैन्य बल भी प्रभावित हुआ है। भारतीय सैन्य बलों की बातचीत सूरत की कंपनी से चल रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि भारतीय सैन्य बल बड़े स्तर पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए खरीदेगा। इन ड्रोन को बनाने वाले भारतीय युवाओं को सैन्य बल पुरस्कार देकर सम्मानित भी कर चुका है।
बता दें कि, कंपनी का दावा है कि इस ड्रोन को दुनिय़ा के किसी एक कोने में बैठकर दूसरे कोने से आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इसकी यही ताकत इसे मैदान का बेहद खास हथियार बनाती है। सूरत में बैठकर इस ड्रोन को इजराइल में भी कंट्रोल किय़ा जा सकता है। साथ ही अगर अचानक बमबारी करनी है,तो भी दूर बैठकर इससे बमबारी की जा सकती है।