संतोष कुमार सिंह
चंडीगढ़: बिन खर्ची और बिन पर्ची मानो मनोहर लाल के शासन वाले हरियाणा का न्यू नार्म बन गया हो। हरियाणा के गांवो में घूमते हुए आप जब लोगों से बात करेंगे तो हर गांव में ऐसे युवा मिल जायेंगे जो न सिफारिशी पर्ची का नाम जानते हैं और न ही नौकरी के लिए खर्ची जुटाने की नौबत आई है। बावजूद इसके नौकरी मिली, वो भी सरकारी। लेकिन कभी-कभी सरकारी पहल को अदालती दखल का भी सामना करना पड़ता है और रफ्तार धीमी हो जाती है।
कुछ ऐसा ही हुआ था हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा लिये गये परीक्षा के मामले में। मामला अदालत में चला गया और लाल झंडी लग गई। लेकिन नौकरियों पर लाल झंडी को हटाते हुए हरियाणा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरी झंडी दे दी है और हरी झंडी मिलते ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने कुल 59 कैटेगरी की परीक्षाओं के परिणाम जारी किए हैं।
परिणामस्वरूप 10,233 पदों का अंतिम परिणाम जारी कर दिया और इन परिवारो में सरकारी नौकरी पाने की आस बढ़ गई है। इतना ही नहीं आयोग ने फायरमैन एंड ड्राइवर श्रेणी की भर्ती छोड़ बाकी सभी श्रेणियों के चयनितों का रिकॉर्ड और उनका परिणाम भी संबंधित विभागों को ऑनलाइन भेज दिया है
शुरू हुई नियुक्ति प्रक्रिया
अदालती हरी झंडी मिलते ही अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। आगे और विलंब न हो और सभी पद जल्दी भरे जा सकें इसके लिए हरियाणा सरकार ने बकायदा नए चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज जांच में छूट भी दी है।
पहले नियुक्ति बाद में सत्यापन
विभाग पहले नियुक्ति देगा और आगामी दो माह के अंदर उनके दस्तावेजों और चरित्र सत्यापन की जांच करेगा। इसके लिए हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने राज्य के प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों सहित प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को आदेश भी जारी किए है। इसमें कहा गया है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग 30 जून, 2024 तक नियुक्तियों के लिए अनुशंसित उम्मीदवारों को दस्तावेजों के सत्यापन के बिना अंतरिम रूप से नियुक्त कर सकता है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी और सी में साक्षात्कार बंद किए हुए हैं जिसके कारण ये सभी अभ्यर्थी सीधे नियुक्त किये जा सकते हैं।
इन श्रेणियों का आया परिणाम
स्टाफ नर्स, सहायक लाइनमैन, इलेक्ट्रिशियन, फायरमैन कम ड्राइवर, जूनियर कोच, फायर स्टेशन ऑफिसर, सब फायर ऑफिसर, ड्राइवर एंड ऑपरेटर, लैब टेक्नीशियन, फीचर राइटर, डिस्पेंसर, डेंटल हाइजेनिस्ट, ऑपरेशन थियेटर सहायक, बायलर सहायक, जूनियर मैकेनिक शिफ्ट अटेंडेंट, वेटरनरी लाइवस्टाक सहायक (वीएलडीए) और वर्क सुपरवाइजर।
फायरमैन एंड ड्राइवर श्रेणी को लेकर बनी हुई है अड़चन
एचएसएससी के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी का कहना है कि फायरमैन एंड ड्राइवर श्रेणी की नियुक्ति अभी नहीं कराई जाएगी। क्योंकि नियुक्ति से पहले अभ्यर्थियों के फायर सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच कराया जाना बाकी है। फर्जी संस्थाओं से सर्टिफिकेट व लाइसेंस वालों को भर्ती से बाहर किया जाएगा। इसके लिए आयोग सीआईडी को पूरी सूची सौंपेगा। वैध संस्थानों से दस्तावेज लेने वालों की ही भर्ती किया जाएगा।
जाहिर है अदालती लाल झंडी के कारण लंबे समय से भर्तियां अटकी पड़ी थी। लेकिन अब अदालती हरी झंडी मिल गई है इसलिए सरकार ने सीधी नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाया है और अभ्यर्थियों को दस्तावेजों की जांच और चरित्र सत्यापन की मोहलत दे दी है क्योंकि इसकी वजह से अभ्यर्थी को लंबा इंतजार करना पड़ता है। और चुनावी साल में मनोहर सरकार की मंशा है कि जल्दी से जल्दी सभी खाली पद भर लिए जाएं।