Swachh Sarvekshan 2023: इंदौर लगातार सातवीं बार सबसे स्वच्छ शहर बना है। इस बार गुजरात का सूरत शहर संयुक्त रूप से पहली बार टॉप पर है। गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव को पुरस्कार दिया।
इस दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त हर्षिका सिंह भी मौजूद थे। तीसरे स्थान पर नवी मुंबई को स्थान मिला है। अगर राज्यों की बात की जाए तो पहले स्थान पर महाराष्ट्र है। मध्यप्रदेश स्वच्छता के मामले में दूसरे स्थान पर है।
तीसरे नंबर पर रहा छत्तीसगढ़
प्रदेश की जनता का कहना है कि स्वच्छता को लेकर प्रदेश भर में चलाई गई परियोजनाएं, बजट आवंटन आदि के आधार पर प्रदेशों की स्वच्छ रैकिंग तय की जाती है। स्वच्छ राज्यों में छत्तीसगढ़ तीसरे नंबर पर रहा है। पिछले साल मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ राज्य चुना गया था, वहीं छत्तीसगढ़ दूसरे नंबर पर था।
देश को स्वच्छ बनाने का पीएम ने उठाया बीड़ा- हरदीप पुरी
शहर के 10 लाख से अधिक आबादी वाले महानगरों की श्रेणी में भोपाल को देश का पांचवां सबसे स्वच्छ शहर चुना गया। महापौर मालती राय के साथ नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोबल ए ने राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। पिछले साल भोपाल देश के सबसे स्वच्छ शहरों में छठवें नंबर पर रहा था। साल 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी रैंक हासिल की थी।
केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी का कहा कहना है कि देश को सबसे स्वच्छ बनाने की बीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उठाया था। साल 2019 में भारत को सबसे स्वच्छ रखने का लक्ष्य रखा था। पीएम मोदी ने खुले में शौच को खत्म करने के लिए देशभर में शौचालयों का निर्माण कराया। साल 2016 में शुरू हुआ सर्वेक्षण अब सबसे बड़ा सर्वेक्षण बन गया है।