शुभम रावत
जयपुर: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक मंदिर के पुजारी यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के मंदिर में दर्शन पूजन के बाद सफेद लिफाफे में 21 रुपये का दान किया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष ने पीएम मोदी पर तंज कसना शुरु कर दिया। वहीं पुजारी के इस दावे की सच्चाई सामने आ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर दर्शन पूजन के लिये देश के अनेक मंदिरों में जाया करते हैं। इस दौरान वो भक्ति भाव से पूजा-अर्चना करने के बाद दान दक्षिणा भी करते हैं। इसी कड़ी में पीएम मोदी इस साल के शुरुआत में राजस्थान के भीलवाड़ा में प्रसिद्ध गुर्जर समाज के आराध्य स्थल मालासेरी डूंगरी में दर्शन करने गए थे। इस दौरान उन्होंने मंदिर के पेटी में एक बंद लिफाफे में गुप्त दान भी किया था। इस बात को अब लगभग 8 महीने पूरे हो चुके हैं। अब मंदिर के पुजारी के द्वारा ऐसा दावा किया गया है कि पीएम ने दान पेटी में 20 रुपये का एक नोट और 1 रुपये का एक सिक्का यानी कुल 21 रुपये दान किया था।
वहीं अब मामले में एक नया ट्वीस्ट आ गया है। दरअसल, मंदिर के नियमानुसार दानपात्र को साल में सिर्फ एक ही बार खोला जाता है। इसलिए हाल ही में इस दानपात्र को खोला गया है। इस दान पेटी से सफेद रंग की तीन लिफाफे निकले थे। पुजारी हेमराज पोसवाल ने बताया है कि वीडियो में पीएम मोदी को सफेद रंग का लिफाफा डालते हुए देखा गया था इसी से अंदाजा लगाया गया है कि यही लिफाफा पीएम मोदी ने डाला था। उन्होंने यह भी बताया कि जो तीन लिफाफे दानपात्र से मिले हैं उनमें से एक में 101 रुपये, एक में 2100 रुपये और सफेद लिफाफे में 21 रुपये निकले हैं।
लिफाफा खोलने के बाद पुजारी ने यह दावा किया था कि पीएम मोदी की ओर से 21 रुपये दान किया गया था। जब यह खबरें सामने आई तो इसपर बीजेपी की तरफ से एक वीडियो जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि पीएम मोदी ने 21 रुपये नहीं बल्कि 1111 रुपये दान किए हैं। दरअसल, जिस दिन पीएम मोदी मंदिर गए थे (28 जनवरी को) उस दिन वहां भगवान देवनारायण की 1111वीं जयंती थी जिसका उत्सव चल रहा था।
इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भगवान देवनारायण की विशेष पूजा और आरती की थी। आरती के बाद मंदिर में रखी गई दान पेटी में 1111 रुपये डाले थे। बीजेपी की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि 1111 रुपये के लिफाफे के अलावा एक और लिफाफा डाला गया था।