संतोष कुमार सिंह
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज झा के संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर दिये गये भाषण के दौरान ठाकुर को लेकर कही गई कविता के जरिए खूब सुर्खियां बटोरी। तालियां बजी। कविता वायरल हुआ लेकिन अब यही कविता मनोज झा और राजद के लिए मुश्किल का सबब बना हुआ है। हालांकि पार्टी ने संसद में दिए गये भाषण का जानदार, शानदार और दमदार करार दिया है, लेकिन पार्टी के दूसरे ठाकुर नेता उनकी कविता को लेकर लगातार उनपर निशाना साध रहे हैं और इसे लेकर पार्टी के बीच खींचतान साफ दिखाई दे रही है।
क्या है मामला
दरअसल महिला आरक्षण बिल राजद की ओर से बोलते हुए मनोज झा ने ओम प्रकाश वाल्मीकि की ठाकुरों पर लिखी एक कविता ठाकुर का कुआं संसद में सुनाई थी। कविता पुरानी है। पहले भी कही सुनी गई होगी। लेकिन राजद सांसद द्वारा यह कविता सुनाना उन्हीं के पार्टी के विधायक को नागवार गुजरा है। आरजेडी सांसद मनोज झा की ठाकुर पर सुनाई गई कविता की आनंद मोहन के विधायक बेटे चेतन आनंद ने उनकी तीखी आलोचना की है। चेतन आनंद ने मनोज झा की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि वे लोग ठाकुर हैं और ठाकुर सभी को साथ लेकर चलता रहा है। सबसे अधिक बलिदान भी ठाकुरों ने ही किया है। एक विशेष जाति को टारगेट किया जा रहा है। यह समाजवाद के नाम पर दोगलापन के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे लोग दूसरों के बारे में नहीं सुन सकते हैं, तो फिर अपने बारे में कैसे बर्दास्त कर लेंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या मनोज झा ने कभी ब्राह्मणों को लेकर ऐसी कविताएं सुनाई हैं? उन्होंने कहा कि उन्होंने ब्राह्माणों के खिलाफ कविता नहीं पढ़ी, क्योंकि वे उन्हें जीने नहीं देंगे। चेतन आनंद ने कहा है कि वे जनता से माफी मांगे नहीं तो वे लोग इसका विरोध करेंगे। वे लोग चूड़ी पहनकर नहीं बैठे हैं।
वहीं पूर्व सांसद आनंद मोहन ने मनोज झा के इंटेट पर सवाल करते हुए कहा है कि मनोज झा ने जानबूझकर ये कविता सुनाई और कहा कि अपने अंदर के ठाकुर को मारो। आनंद मोहन ने कहा कि यदि वे उस वक्त सदन के अंदर होते तो मनोज झा की जीभ खींचकर सभापति के आसन की ओर उछाल देते। आनंद मोहन ने मनोज झा पर राजद में भाजपा का एजेंट होने का आरोप भी लगाया और कहा कि उनके बड़बोले पन की वजह से पिछली बार तेजस्वी यादव की सरकार बनतेबनते रह गई।
भाजपा के विधायक नीरज कुमार बबलू और अन्य राजपूत नेताओं द्वारा भी मनोज झा के राज्यसभा में सुनाई गई कविता को लेकर आलोचना की जा रही है। भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा कि मनोज झा को सभी के सामने माफी मांगनी होगी। एक दो जाति को लेकर ही केवल नहीं होती है। उन्होंने कहा कि उनका सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। यदि अपने अदंर के मारने की बात है कि तो वो कह सकते थे कि अपने अंदर के रावण को मारो। लेकिन उनको ठाकुर को मारना है और एक समाज को अपमानित करना है।