Himachal Landslide: प्रकृति का कहर जारी, 71 लोगों की मौत, सीएम सुक्खू ने तबाही के लिए इसे ठहराया जिम्मेदार

शुभम रावत-

शिमला: हिमाचल-प्रदेश में प्रकृति का कहर जारी है।भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक मलबे से 71 शव बाहर निकाले जा चुके है।

एयरलिफ्ट से किया जा रहा है रेस्क्यू

रविवार से लगातार हो रही बारिश के चलते लैंडस्लाइड का भयंकर मंजर जारी है।कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं। भूस्खलन और भारी बारिश की चपटे में आने सेराज्य मेंकई लोग मलबे में दब गए हैं। 13 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।कई इलाकों में हालात इतने बुरे हैं कि रेस्क्यू टीम का वहां पहुंचना संभव नहीं है। ऐसी जगहों पर लोगों को एयरलिफ्ट कर रेस्क्यू किया जा रहा है।

NDRF, सेना, लोकल पुलिस, होम गार्ड और SDRF की टीमें साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।पश्चिमी वायु कमान के हेलीकॉप्टरों ने दो दिनों में 50 से ज्यादा उड़ानें भरीं और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 780 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है।लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए आर्मी और एयर फोर्स की मदद भी ली जा रही है।

सीएम सुक्खू ने इसे ठहराया तबाही का जिम्मेदार

वहीं हिमाचल में इस तबाही के मंजर के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खराब स्ट्रक्चर और अंधाधुंध निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया है कि प्राकृतिक आपदा से अब तक 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सीएम ने कहा कि राज्य के बुनियादी ढांचे को फिर से विकसित करने में एक साल का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए सख्त निर्माण नियम बनाए जाएंगे।

स्कूल-कॉलेज बंद

भयंकर भूस्खल के चलते प्रदेश के कई हाईवे और सड़कें बंद हो गई हैं। पूरे राज्य मेंमौसम विभाग का अलर्ट जारी है।18 अगस्त तक राज्य में बारिश का अनुमान जताया गया है। वहींराज्य के सारे स्कूल-कॉलेज 17 अगस्त को भी बंद रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *