वायनाडःलोकसभा की सदस्यता बहाल होने के बाद पहली बार केरल में अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को डॉ. अंबेडकर डिस्ट्रिक्ट मेमोरियल कैंसर सेंटर में बिजली सुविधा का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अपने सांसद निधि से 50 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी। राहुल ने कहा कि सांसद निधि से 50 लाख रुपये देने में उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां आकर और बिजली संयंत्र का उद्घाटन करके वह बहुत खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि इससे अस्पताल को मदद मिलेगी।
राहुल ने कहा कि उन्हें पता है कि यह अस्पताल साल 1994 में शुरू किया गया था और 2013 में इसे अपग्रेड किया गया था। यह अस्पातल कैंसर के इलाज की सुविधाएं प्रदान करने वाले अस्पतालों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के डॉक्टरों के अच्छे काम के लिए पांच करोड़ रुपये मिलेंगे।
…तो वायनाड के साथ मेरा रिश्ता और भी मजबूत हो जाएगा
संसद सदस्यता बहाल होने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे वायनाड के लोगों को उनसे अलग करने की कोशिश करेंगे, तो उनका रिश्ता और भी मजबूत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) के लोग यह नहीं समझते कि परिवार क्या होता है। वे यह नहीं समझते कि जितना अधिक वे आपसे मुझे अलग करने की कोशिश करेंगे, हम उतने ही करीब आएंगे। उन्हें लगता है कि अगर हम राहुल गांधी को अयोग्य घोषित कर देंगे, तो वायनाड के साथ राहुल के रिश्ते खराब हो जाएंगे। लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि अगर वे राहुल गांधी को अयोग्य ठहराते हैं, तो वायनाड के साथ राहुल का रिश्ता और भी मजबूत हो जाएगा।
यूरोपीय संघ के सांसदों, भारतीय प्रवासियों और विश्वविद्यालय के छात्रों से मिलेंगे राहुल
वहीं, कांग्रेस से सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सितंबर के दूसरे सप्ताह यूरोप दौरे पर जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि राहुल वहां यूरोपीय संघ के सांसदों, भारतीय प्रवासियों और विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात करेंगे। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 4 अगस्त को मोदी सरनेम टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानी मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देते हुए कहा था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के प्रभाव व्यापक हैं। इससे न केवल राहुल का सार्वजनिक जीवन में बने रहने का अधिकार प्रभावित हुआ, बल्कि उन्हें चुनने वाले मतदाताओं का अधिकार भी प्रभावित हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मोदी सरनेम टिप्पणी को लेकर दायर आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत के न्यायाधीश द्वारा अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया गया है। इसलिए अंतिम फैसला आने तक दोषसिद्धि के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगाता है।