शुभम रावत-
नूंह: हरियाणा के नूंह जिले में हिंसा के लगभग 15 दिन बाद हिंदू संगठनों ने रविवार को पलवल में महापंचायत बुलाई है। पुलिस-प्रशासन ने नूंह के आस-पास के इलाके में बैठक की अनुमति नहीं दी है।
नूंह हिंसा की आग ने पूरे हरियाणा को अपनी चपेट में ले लिया। फरीदाबाद, गुरुग्राम समेत कई जिलों में पिछले 2 हफ्तों में माहौल बेहद खराब रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहा, अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। कोई भी भ्रामक सूचना ना फैले इसके चलते इंटरनेट पर भी रोक लगी। वहीं अब पुलिस-प्रशासन स्थति को नियंत्रित करने और सूबे में शांति बहाल करने में जुटा हुआ है। इसी बीच आज पलवल में हिंदू संगठनों ने महापंचायत बुलाई है।ये महापंचायत पलवल के पोंडरी में रखी गई है।
नूंह में बैठक की अनुमति नहीं
पलवल में बुलाई गई इस बैठक में वीएचपी की धार्मिक यात्रा पर चर्चा होगी। स्थानीय पुलिस ने बैठक के लिए अनुमति दे दी है। बताया जा रहा है कि इस महापंचायत में आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में पहुंच सकते हैं और ब्रजमंडल यात्रा को दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जा सकता है। वहीं पुलिस ने नूंह जिले के आस-पास के इलाके में बैठक की अनुमति नहीं दी है।
नूंह हिंसा के बाद हरियाणा सरकार सख्त मोड में नजर आई। हिंसा के दौरान जिन घरों से पत्थर चलाए गए थे उन्हें जमीदोंज कर दिया गया। वहीं वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी जारी है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि नूंह जिले में 31 जुलाई सोमवार को विश्व हिंदू परिषद के जुलूस के दौरान साम्प्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना में 2 होमगार्ड्स समेत 6 लोगो की मौत हो गई थी।इस मामले में अब तक 150 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। साथ ही इस मामले में लिप्त 300 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी करके उनसे पूछताछ जारी है।