सांप्रदायिक हिंसा की आग में जले नूंह की ये तस्वीर एक नई कहानी बयां करती है, देश के 112 आकांक्षी जिलों में मिला दूसरा स्थान

नई दिल्लीःहरियाणा के नूंह जिले में विश्व हिंदू परिषद(विहिप) व अन्य हिंदू संगठनों द्वारा निकाली गई ब्रजमंडल धाम जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा ने इस जिले को पल भर में देश भर में सुर्खियों में ला दिया। तनाव ऐसा बढ़ा कि नूंह के आसपास के कई जिले इस हिंसा की चपेट में आ गए। लेकिन नूंह ने इस बीच जो खास उपलब्धि हासिल की है, उसकी खबर शायद ही किसी को हो। सांप्रदायिक हिंसा की आग में जले इस जिले ने देश के 112 आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैकिंग में दूसरा स्थान हासिल किया है। इससे पहले ये जिला डेल्टा रैंकिंग में 30 वें पायदान था।

कृषि एवं जल संसाधन में नूंह जिले की रैंकिंग पहले स्थान पर

जिला उपायुक्त के मुताबिक, कृषि एवं जल संसाधन में नूंह जिले की रैंकिंग पहले स्थान पर रही है। इसका स्कोर 26.2 से बढ़कर 30.7 हो गया है। इसी प्रकार स्वास्थ्य एवं पोषण के मामले में नूंह जिले की रैंकिंग दूसरे स्थान पर रही है, जिसका स्कोर 64.9 से बढ़कर 71.3 पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि अन्य विभागों की रैंकिंग में भी निरंतर सुधार के चलते देश के 112 आकांक्षी जिलों में नूंह को दूसरा स्थान पर मिला है।

क्या है आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य

जिला उपायुक्त ने बताया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा व कृषि तथा जल संसाधन आदि में बड़े पैमाने पर सुधार कर लोगों को लाभ देना है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम अपने नागरिकों के जीवन स्तर को बढ़ाने और सबका साथ सबका विकास के दृष्टिकोण के तहत सभी के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयास का एक हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों के चलते आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत नूंह जिले की डेल्टा रैंकिंग 30वें पायदान से दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। इस आकांक्षी जिले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पिछले महीने संबंधित विभागों की बैठक लेते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। सभी विभागों के अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशानुसार नूंह को पिछड़े जिले से निकाल कर विकास के पथ पर लाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के अन्य पैरामीटर पर भी नूंह जिले की रैंकिंग को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

नीति आयोग द्वारा बनाई गई थी देशभर के 112 आकांक्षी जिलों की सूची

जिला उपायुक्त ने बताया कि नीति आयोग द्वारा देशभर के 112 आकांक्षी जिलों की सूची बनाई गई थी, जिसमें लगभग 87 पैरामीटर तय किए गए थे। इनमें ड्रॉपआउट, संस्थागत डिलीवरी, सिंचाई, कृषि, सेहत सहित अन्य विभागों के बहुत से काम शामिल थे। इन सभी में सुधार करने की जरूरत थी। नूंह जिला लगातार अपनी रैंकिंग में सुधार कर रहा है। इस जिले के संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी नूंह को पिछड़े जिलों की सूची से बाहर निकालने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जिले के नागरिकों की जागरूकता और प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत का ही नतीजा है कि नूंह पूरे देश में आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आया है।

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